Edited By meena, Updated: 24 Oct, 2021 12:57 PM

लखनादौन विकासखंड के आदेगांव व जोबा परासिया के आस पास की बीटो क्षेत्र में सागौन सहित इमारती पेड़ों की अवैध कटाई जोरों पर है। सालों से हो रही अवैध कटाई पर वन विभाग का मौन रहना आश्चर्यजनक है। एक तरफ कृषक वन भूमि पर कटाई कर अवैध कब्जा कर रहे हैं। वहीं...
लखनादौन(पवन डेहरिया): लखनादौन विकासखंड के आदेगांव व जोबा परासिया के आस पास की बीटो क्षेत्र में सागौन सहित इमारती पेड़ों की अवैध कटाई जोरों पर है। सालों से हो रही अवैध कटाई पर वन विभाग का मौन रहना आश्चर्यजनक है। एक तरफ कृषक वन भूमि पर कटाई कर अवैध कब्जा कर रहे हैं। वहीं दूसरी और लकड़ी तस्कर इमारती लकड़ी विशेषकर सागौन की लकड़ी की अवैध कटाई कर उसे चोरी छुपे फर्नीचर बनाकर नेताओं को और ठेकेदारों को बेचने में निरंतर बेखौफ लगे हैं।

यह भी सही हैं कि अवैध कटाई से लेकर फर्नीचर के निर्माण व बिक्री का पूरा कार्य खुलेआम चल रहा है। फिर भी वन विभाग के अधिकारियों का आंख मूंदकर बैठना या यूं कहें कि टांग पर टांग डाले सो रहे हैं जो साबित करता है कि जंगलों की अवैध कटाई वन विभाग की सरपरस्ती पर खुलेआम चल रही है। जिससे तस्कर मोटरसाइकिल से लेकर फोर व्हीलर पर रातों रात इमारती लकड़ी नेताओं से लेकर ठेकेदारों तक पहुंच रही है।

सूत्र तो ये भी बताते हैं कि अधिकारी से लेकर और रेंजर से लेकर कर्मचारी तक लकड़ी का पैसा मुंह मांगा जा रहा है। जंगलों के संरक्षण संवर्धन और वनों की सुरक्षा के लिए केंद्र व राज्य सरकार प्रतिवर्ष क्षेत्र में करोड़ों रुपए खर्च कर रही है किंतु पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने में वन विभाग पूरी तरह असफल रहा है या यूं कहें कि वन विभाग अवैध कटाई व वन तस्करों के संरक्षण को लेकर कार्य कर रहा है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।