Edited By Himansh sharma, Updated: 21 Mar, 2026 06:40 PM

मध्यप्रदेश के झाबुआ से रिश्वतखोरी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है
झाबुआ: मध्यप्रदेश के झाबुआ से रिश्वतखोरी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला सरकारी कर्मचारी ने खुद रिश्वत लेने के बजाय अपने पति को “मीडियम” बना रखा था। लेकिन इस बार चालाकी भारी पड़ गई और लोकायुक्त टीम ने चौराहे पर ही पूरा खेल खत्म कर दिया।
जिला आयुष कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 रत्नाप्रेम पंवार पर आरोप है कि उन्होंने रिटायर कर्मचारी कमल सिंह ठाकुर से पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य लाभों के बिल पास कराने के बदले 12 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी, जो बाद में 10 हजार रुपये में तय हुई।
शिकायत मिलने के बाद इंदौर लोकायुक्त ने जाल बिछाया। महिला कर्मचारी ने खुद पैसे लेने के बजाय अपने पति नरेंद्र पंवार को राजगढ़ नाके पर भेजा। जैसे ही फरियादी ने 10 हजार रुपये सौंपे, पहले से तैनात टीम ने रंगेहाथों पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान मौके पर हड़कंप मच गया। लोकायुक्त ने तुरंत केस दर्ज करते हुए महिला कर्मचारी और उसके पति दोनों को आरोपी बनाया है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भ्रष्टाचार चाहे कितनी भी चालाकी से क्यों न किया जाए, कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं।