Edited By Himansh sharma, Updated: 06 Mar, 2026 06:49 PM

सीमित संसाधनों और आर्थिक परेशानियों के बीच जीवन गुजारने वाली ग्राम पंचायत पौंड़ी, जनपद पंचायत मस्तूरी की सीमा वर्मा ने आज अपने हौसले और मेहनत से नई पहचान बना ली है।
बिलासपुर: सीमित संसाधनों और आर्थिक परेशानियों के बीच जीवन गुजारने वाली ग्राम पंचायत पौंड़ी, जनपद पंचायत मस्तूरी की सीमा वर्मा ने आज अपने हौसले और मेहनत से नई पहचान बना ली है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर उन्होंने न केवल अपने जीवन की दिशा बदली, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।
वर्ष 2014 में सीमा वर्मा जय मां गायत्री स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। शुरुआत में उन्होंने समूह के साथ बचत और छोटे-छोटे कामों से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश की। बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार के अवसर मिले और उन्होंने पैरा मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू किया। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने इस काम को आगे बढ़ाया और इससे उन्हें नियमित आय मिलने लगी। कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की इच्छा ने उन्हें आधुनिक तकनीक की ओर भी प्रेरित किया। दिसंबर 2023 में उन्होंने ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के बाद शासन की सहायता से उन्हें ड्रोन सेट, जनरेटर और ई-वाहन उपलब्ध कराया गया। इसके बाद उन्होंने किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक का छिड़काव करना शुरू किया।
आज सीमा वर्मा ड्रोन तकनीक के माध्यम से किसानों की मदद कर रही हैं और सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं। गांव में लोग उन्हें अब स्नेहपूर्वक ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से पुकारते हैं। सीमा वर्मा की यह यात्रा बताती है कि अगर अवसर और मार्गदर्शन मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी अपने हौसलों के दम पर नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं। बिहान योजना ने उन्हें दिशा दी और उनके सपनों को नई उड़ान दी।