CM मोहन ने इंदौर की घटना को बताया दुखद, मृतकों के परिजनों के लिए किया मुआवजे का ऐलान

Edited By meena, Updated: 31 Dec, 2025 12:20 PM

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सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। सीएम मोहन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है, वहीं मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की है...

इंदौर : सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। सीएम मोहन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है, वहीं मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।उन्होंने पीड़ित परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। बता दें कि अब तक दूषित पानी पीने से 3 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 50 से ज्यादा लोग अस्पताल में इलाजरत हैं।

सीएम मोहन ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना बेहद दुखद है। मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपचाररत प्रभावितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। मृतकों के परिवारजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। मरीजों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। स्थिति पर नजर रखने और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

इससे पहले उन्होंने मामले को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर को जिम्मेदारों को कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जोन क्रमांक 4 के जोनल अधिकारी, सहायक यंत्री को निलंबित कर दिया गया है और उपयंत्री तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक किया गया है।

जांच समिति की गई गठित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना बेहद दुखद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपचार रत प्रभावितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही उन्होंने इस दुखद हादसे में क्षेत्र का दायित्व संभालने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही के निर्देश दिए है। इस संबंध में कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि भागीरथपुरा मामलें में जोनल अधिकारी शालिग्राम सितोले, सहायक यंत्री योगेश जोशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है और प्रभारी उपयंत्री पीएचई शुभम श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक किया गया है।

साथ ही इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक समिति गठित की गई है। समिति आईएएस नवजीवन पंवार के निर्देशन में जांच करेगी। समिति में प्रदीप निगम, सुप्रिडेंट इंजीनियर और मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शैलेश राय को भी शामिल किया गया है।

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