Edited By Vikas Tiwari, Updated: 03 May, 2026 01:51 PM

मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का बड़ा झटका लगा है। अप्रैल और मई 2026 से बिजली बिल में कुल मिलाकर करीब 11 प्रतिशत तक सरचार्ज बढ़ा दिया गया है। यह बढ़ोतरी फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट (FPPCA) के तहत की गई है, जिसका सीधा असर...
भोपाल: मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का बड़ा झटका लगा है। अप्रैल और मई 2026 से बिजली बिल में कुल मिलाकर करीब 11 प्रतिशत तक सरचार्ज बढ़ा दिया गया है। यह बढ़ोतरी फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट (FPPCA) के तहत की गई है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं के मासिक खर्च पर पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2026 के लिए 5.36 प्रतिशत सरचार्ज तय किया गया है, जबकि इससे पहले भी करीब 4.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू की जा चुकी थी। मार्च 2026 में यह दर ऋणात्मक (-0.63%) थी, जिससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन अब लगातार बढ़ती दरों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली कंपनियों की खरीद लागत बढ़ने के कारण यह बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है। हालांकि, इस बढ़ोतरी को लेकर विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी या आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी भी बढ़ रही है।
सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेंद्र अग्रवाल के अनुसार, बार-बार होने वाली इस तरह की वृद्धि से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित होता है और आर्थिक दबाव बढ़ता है। बढ़ते बिजली बिलों के कारण प्रदेशभर में उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ने लगी है। अब आम लोगों को पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना पड़ेगा, जिससे महंगाई का असर और गहरा हो सकता है।