Edited By meena, Updated: 09 Apr, 2026 08:39 PM

रीवा के केंद्रीय जेल में पदस्थ प्रधान आरक्षक रामानंद पटेल ने जेल परिसर स्थित गौशाला में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की...
रीवा (गोविंद सिंह) : रीवा के केंद्रीय जेल में पदस्थ प्रधान आरक्षक रामानंद पटेल ने जेल परिसर स्थित गौशाला में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को मृतक के जेब से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जेल अधीक्षक, और उप अधीक्षक द्वारा लगातार उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे परेशान होकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सुसाइड नोट के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है।
56 वर्षीय मृतक रामानंद पटेल पिछले 25 सालों से रीवा जेल में पदस्थ थे। मृतक की ड्यूटी दोपहर 12 बजे समाप्त होने के बाद घर जाने के लिए निकले थे, लेकिन उन्होंने घर पहुंचने से पहले ही जेल की गौशाला में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया, और इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। घटना की जानकारी लगते ही परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। मृतिका की पत्नी विमला पटेल ने जेल अधीक्षक, और उप अधीक्षक पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक महीने से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था, घर पर भी आकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था। और इसी प्रताड़ना से तंग आकर उन्हानें यह आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, हालांकि उस सुसाइड नोट में क्या लिखा है इसकी जानकारी परिजनों को भी नहीं है। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है, और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।