नक्सल प्रभावित जंगलों में स्वास्थ्य की नई क्रांति: पालनार के आयुष्मान आरोग्य मंदिर ने बदली ग्रामीणों की किस्मत, अब गांव में ही मिल रहा इलाज और उम्मीद का सहारा

Edited By Vikas Tiwari, Updated: 04 Apr, 2026 07:04 PM

health revolution in remote bijapur

छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी नियद नेल्लानार योजना अब ज़मीन पर असर दिखाने लगी है। नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम पालनार में खुले आयुष्मान आरोग्य मंदिर ने ग्रामीणों के जीवन में बड़ी राहत दी है।

रायपुर/बीजापुर (पुष्पेंद्र सिंह): छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी नियद नेल्लानार योजना अब ज़मीन पर असर दिखाने लगी है। नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम पालनार में खुले आयुष्मान आरोग्य मंदिर ने ग्रामीणों के जीवन में बड़ी राहत दी है। 

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28 जनवरी 2026 से शुरू हुई इस स्वास्थ्य सेवा का लाभ अब तक सैकड़ों ग्रामीणों को मिल चुका है। पहले जहां छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को मीलों पैदल चलना पड़ता था, वहीं अब गांव में ही डॉक्टर की सलाह, जांच और मुफ्त दवाएं उपलब्ध हो रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 747 मरीजों ने ओपीडी सेवाओं का लाभ लिया है, जबकि 16 मरीजों को भर्ती कर उनका सफल इलाज किया गया है। मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी इस केंद्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब तक यहां 5 सुरक्षित प्रसव कराए जा चुके हैं। इसके साथ ही 15 गर्भवती महिलाओं और 18 धात्री माताओं की नियमित जांच और टीकाकरण किया गया है।

गंभीर बीमारियों की पहचान के लिए भी स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 250 ग्रामीणों की जांच में 25 मरीज उच्च रक्तचाप और 12 मरीज मधुमेह से पीड़ित पाए गए हैं। वहीं एक महिला में स्तन कैंसर के लक्षण मिलने पर उसे तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया। पालनार में आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सफलता यह साबित कर रही है कि सरकार की योजनाएं अब दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच रही हैं, जिससे ग्रामीणों को न केवल बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं, बल्कि शासन के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हो रहा है।

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