Edited By meena, Updated: 03 Jan, 2026 08:38 PM

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की इन दूषित पानी पीने से हो रही मौतों को लेकर चर्चा में हैं। शहर के भागीरथपुरा इलाके के हर गली मोहल्ले में त्राहि मची हुई है। अब तक 15 से ज्यादा मौतें हो चुकी है...
इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की इन दूषित पानी पीने से हो रही मौतों को लेकर चर्चा में हैं। शहर के भागीरथपुरा इलाके के हर गली मोहल्ले में त्राहि मची हुई है। अब तक 15 से ज्यादा मौतें हो चुकी है और 1500 से ज्यादा लोग अस्पतालों में इलाजरत है। दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत की खबर ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ परिवार अपने अपनों को खोने का दर्द झेल रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर जनसंकट पर शहर से सबसे ज्यादा वोटों से जीतने वाले सांसद शंकर लालवानी का अब तक कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।
जनता के बीच भरोसे का संकट, प्रतिनिधि की भूमिका पर सवाल
लोकसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करने वाले सांसद से जनता यह उम्मीद करती है कि संकट की घड़ी में वह सबसे पहले सामने आएंगे। लेकिन दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में सांसद की चुप्पी लोगों को चुभ रही है। सोशल मीडिया से लेकर गली-मोहल्लों तक यही चर्चा है कि जब शहर मातम में डूबा है, तब उसका जनप्रतिनिधि आखिर कहां है।
प्रशासन पर आरोप, लेकिन राजनीतिक जवाबदेही गायब
इस पूरे मामले में नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पाइपलाइन, जलशुद्धिकरण और निगरानी व्यवस्था की खामियां सामने आ रही हैं। विपक्ष प्रशासन को घेर रहा है, लेकिन जनता यह भी जानना चाहती है कि सांसद इस मुद्दे पर क्या कदम उठाएंगे। क्या वे मृतकों के परिजनों से मिलेंगे, या सिर्फ फाइलों में ही संवेदनाएं सिमट कर रह जाएंगी?