Edited By Vandana Khosla, Updated: 22 Jul, 2026 05:11 PM

खंडवा (मुश्ताक मंसूरी): मध्यप्रदेश के खंडवा स्थित सीसीएफ कार्यालय में निमाड़ के चारों जिलों के बड़ी संख्या में वन कर्मचारी जमा हुए। यहां खंडवा, बुरहानपुर, सेंधवा, बडवाह और बड़वानी डिवीजन से आए वनकर्मियों में, हाल ही में जारी हुई पदोन्नति लिस्ट को लेकर...
खंडवा (मुश्ताक मंसूरी): मध्यप्रदेश के खंडवा स्थित सीसीएफ कार्यालय में निमाड़ के चारों जिलों के बड़ी संख्या में वन कर्मचारी जमा हुए। यहां खंडवा, बुरहानपुर, सेंधवा, बडवाह और बड़वानी डिवीजन से आए वनकर्मियों में, हाल ही में जारी हुई पदोन्नति लिस्ट को लेकर आक्रोश था। आरोप है कि, इस सूची में इसके पहले जारी हुई एक अन्य सूची के 96 वनकर्मियों के नाम काट दिये गए और उनकी जगह अपात्र लोगों को शामिल कर लिया गया। जिसके चलते ये सभी पदोन्नति मिलने के मात्र 7 दिन बाद ही खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। हालांकि कर्मचारियों की मांग पर, जारी हुई पदोन्नति लिस्ट को संशोधन के लिए फिलहाल लिपिकीय गलती मानते हुए निरस्त कर दिया गया है ।

पद से भारमुक्ति न करते हुए स्टार सेरेमनी रोकें
इधर वन कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष अमित मिश्रा ने बताया कि, कल शाम वनपाल और वनरक्षक की पदोन्नति सूची जारी हुई थी, जिसमें वरीयता सूची के हिसाब से पात्र कर्मचारियों को नीचे कर बगैर पात्र लोगों को ऊपर स्थान दिया गया था । इसके पहले भी जारी हुई सूची में 90 से अधिक कर्मचारियों को शामिल कर उसे निरस्त कर दिया गया । तो ऐसे में वे कर्मचारी जो पहले सूची में थे लेकिन अब नहीं हैं, वो मानसिक रूप से परेशान थे, जिसका असर उनके कार्य पर भी पड़ रहा था । इसलिए हमारी मांग है कि, जब तक इसका निराकरण नहीं होता, तब तक पद से कर्मचारियों की भारमुक्ति ना करते हुए स्टार सेरेमनी को रोका जाए । इसमें कुल 96 वनरक्षक और वनपाल पद के कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं ।

बगैर पात्रता वालों को लिस्ट में मिली ऊपर की जगह
इधर इस मामले में मुख्य वन संरक्षक बासु कनौजिया ने बताया कि, हम लोगों ने कुछ आदेश संशोधन के लिए वापस लिए हैं । जिसको लेकर स्टाफ के कुछ लोग अपना आवेदन लेकर चर्चा करने आए थे, और वह नियम में भी है । जिस पर हमने उनका आवेदन लेकर उसे पुनर्विचार के लिए रखा है । वहीं विभाग द्वारा जारी इस तरह के आदेश को लेकर उन्होंने बताया कि, उसका कुछ क्राइटेरिया था, जिसके चलते भर्ती के आदेश दिए गए थे । लेकिन उसमें कुछ लिपिकीय त्रुटि की वजह से पात्र लोग नीचे रह गए, और दूसरे कुछ लोग लिस्ट में ऊपर आ गए, जोकि उसमें पात्रता नहीं पा रहे थे । उस लिस्ट में सामान्य केटेगरी में जो रेशो नीचे होना चाहिए था, वह ऊपर चला गया था । उसी को सुधार करते हुए आदेश को निरस्त कर पुनः विचार किया जा रहा है । ऐसे करीब 100 कर्मचारी हैं, जोकि आगे पद खाली होंने पर उनकी नियुक्ति की जाएगी।