एनकाउंटर केस में हाईकोर्ट सख्त, SP समेत 4 पुलिस अधिकारियों की जांच के आदेश

Edited By Himansh sharma, Updated: 17 Jul, 2026 08:09 PM

high court seeks probe into gwalior encounter

मध्यप्रदेश के ग्वालियर के चर्चित एनकाउंटर मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।

ग्वालियर। (अंकुर जैन): मध्यप्रदेश के ग्वालियर के चर्चित एनकाउंटर मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार, मुरार थाना प्रभारी और ऊटीला थाना प्रभारी पर लगाए गए फर्जी एनकाउंटर के आरोपों की जांच के लिए हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिए हैं। अदालत ने तीन माह के भीतर जांच पूरी कर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

मामला नवंबर 2025 का है। याचिकाकर्ता कपिल यादव का आरोप है कि 23 नवंबर 2025 को पुलिस ने उसे और उसके भाई को हिरासत में लिया था। इसके अगले दिन 24 नवंबर को पुलिस ने दावा किया कि कपिल यादव ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई करते हुए उसके पैर में गोली मार दी। पुलिस ने इस घटना को एनकाउंटर बताया था।

PunjabKesariहालांकि, कपिल यादव ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में दावा किया है कि यह पूरा एनकाउंटर फर्जी और पूर्व नियोजित था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस अधिकारियों ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से कानूनी प्रावधानों का दुरुपयोग करते हुए उसे झूठे मामले में फंसाया और अपने पद व अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया आरोपों की जांच आवश्यक मानते हुए डीजीपी को निर्देश दिया कि पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार, मुरार थाना प्रभारी और ऊटीला थाना प्रभारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही तीन माह के भीतर जांच की स्टेटस रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाए।

फिलहाल, हाईकोर्ट ने आरोपों पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने केवल आरोपों की जांच कराने और उसकी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी।

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