Edited By Desh Raj, Updated: 05 Apr, 2026 04:05 PM

मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना ने जिला गुना को हिला दिया। गुना के कैंट थाना अंतर्गत घोसीपुरा इलाके में एक पति ने अपनी ही पत्नी को डीजल डालकर जिंदा जला दिया।
गुना (मिसबाह नूर): मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना ने जिला गुना को हिला दिया। गुना के कैंट थाना अंतर्गत घोसीपुरा इलाके में एक पति ने अपनी ही पत्नी को डीजल डालकर जिंदा जला दिया। महिला का शरीर 90 फ़ीसदी तक झुलस गया है उसे उच्च उपचार के लिए भोपाल रेफर किया गया है जहां हालत नाजुक बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी पति ने न केवल जघन्य घटना को अंजाम दिया बल्कि जब तक महिला आग की लपटों से घिरी रही वह उसे पास में ही खड़ा होकर देखता भी रहा।
आरोपी पवन रजक ने 32 वर्षीय पत्नी के साथ की अमानवीय वारदात
अशोकनगर जिले के भैंसा गांव निवासी पवन रजक अपनी पत्नी 32 वर्षीय दीपा रजक के साथ घोसीपुरा में किराए के मकान में रहता है। दीपा के परिजनों का आरोप है कि पवन किसी अन्य महिला से फोन पर बात कर रहा था। जब दीपा ने इसका विरोध किया, तो पवन ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आक्रोश इतना बढ़ गया कि पवन ने घर में रखा डीजल दीपा पर उड़ेल दिया और उसे आग के हवाले कर दिया।
चीख-पुकार सुनकर मकान मालिक और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई और तुरंत कैंट पुलिस को सूचना दी। घटना के वक्त महिला के तीनों बच्चे गांव में थे। गंभीर रूप से झुलसी दीपा को आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया।
पीड़ित पत्नी दीपा का 90 फीसदी शरीर जला
डॉक्टरों के अनुसार दीपा की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, उसका शरीर 90 प्रतिशत तक जल चुका है। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर कर दिया गया है। दीपा के भाई ने बताया कि अस्पताल में दिए अपने बयान में दीपा ने स्पष्ट रूप से अपने पति पवन रजक पर ही आग लगाने का आरोप लगाया है। घटना से कुछ देर पहले भी दीपा ने मायके में फोन लगाकर विवाद की जानकारी दी थी।
मायका पक्ष के बयानों के आधार पर पुलिस कर रही है कार्रवाई
कैंट थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति पवन रजक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और मायके पक्ष के बयानों के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है। महिला के भाई ने आरोप लगाया है कि पवन अक्सर दीपा के साथ मारपीट और प्रताड़ना करता रहता था। दीपा के ससुर को भी इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी थी लेकिन उन्होंने समय रहते कोई हस्तक्षेप नहीं किया जिसके चलते पवन के हौसले बुलंद हुए और उसने इस जघन्यतम घटना को अंजाम दे दिया।