Edited By Desh Raj, Updated: 27 Mar, 2026 12:22 AM

भारत सरकार ने तेज और गैस पर फैली अफवाहों और आशंका पर बड़ी बात कही है। सरकार ने साफ किया है कि देश में लगभग 60 दिन का तेल भंडार है और एक महीने की एलपीजी आपूर्ति की व्यवस्था कर ली गई है।
(डेस्क): भारत सरकार ने तेज और गैस पर फैली अफवाहों और आशंका पर बड़ी बात कही है। सरकार ने साफ किया है कि देश में लगभग 60 दिन का तेल भंडार है और एक महीने की एलपीजी आपूर्ति की व्यवस्था कर ली गई है। सरकार ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। इसके साथ ही सरकार ने कमी की खबरों को 'जानबूझकर फैलाया गया 'गलत सूचना अभियान' बताया, जिसका मकसद लोगों में घबराहट पैदा करना और खरीदारी को बढ़ावा देना है। सरकार ने ऐसी खबरों से बचने की सलाह दी है।
60 दिन का तेल भंडार उपलब्ध है-भारत सरकार
भारत सरकार ने बृहस्पतिवार को साफ किया कि देश में लगभग 60 दिन का तेल भंडार उपलब्ध है और एक महीने की एलपीजी आपूर्ति की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरकों पर लंबी कतारों और घबराहट में खरीदारी की खबरों के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार कच्चे तेल, ईंधन और एलपीजी के भंडार का पूरा ब्योरा जारी किया। इसका मकसद लोगों की चिंता दूर करना है।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने भी कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। मंत्रालय के अनुसार, देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त भंडार मौजूद है और वे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। कहीं भी पेट्रोल या डीजल की राशनिंग नहीं की जा रही है।
जानकारी दी गई है कि खासकर छोटे शहरों में कुछ पेट्रोल पंपों को नकद भुगतान प्रणाली लागू होने के कारण अस्थायी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसे देखते हुए पेट्रोल पंपों को मिलने वाली क्रेडिट सीमा को एक दिन से बढ़ाकर तीन दिन से अधिक कर दिया गया है, ताकि कार्यशील पूंजी की कमी के कारण कहीं भी सप्लाई प्रभावित न हो।
60 दिन का भंडार, 74 दिन की क्षमता
मंत्रालय के अनुसार, देश के पास कुल 74 दिनों की भंडारण क्षमता है और वर्तमान में लगभग 60 दिन का वास्तविक स्टॉक मौजूद है, जिसमें कच्चा तेल, तैयार उत्पाद और रणनीतिक भंडार शामिल हैं। अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है, जिससे आने वाले महीनों में किसी संकट की संभावना नहीं है।