पानी की तलाश ने बदल दी ज़िंदगी… बोतल क्रशर मशीन में फंसा युवक का हाथ, चीखों से दहल उठा स्टेशन

Edited By Himansh sharma, Updated: 26 Nov, 2025 02:33 PM

a young man s hand gets stuck in a bottle crusher

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को हिला कर रख दिया।

शहडोल। (कैलाश लालवानी): मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को हिला कर रख दिया। प्लेटफार्म नंबर 1 पर अचानक गूंजती दर्द भरी चीखें देखते-ही-देखते दहशत में बदल गईं।

25 वर्षीय शौरभ गुप्ता, निवासी मानपुर (उमरिया), स्टेशन पर ट्रेन का इंतज़ार कर रहा था। तेज गर्मी और प्यास ने उसे बेहाल कर दिया। पानी की खोज में वह प्लेटफॉर्म पर लगी मशीन के पास पहुंचा—पर यहीं उसने वो गलती कर दी, जिसने उसकी जिंदगी की दिशा हमेशा के लिए बदल दी।

शौरभ ने मशीन को पानी की मशीन समझा, जबकि वह बोतल क्रशर थी। जैसे ही उसने हाथ अंदर डालकर बोतल को फिट करने की कोशिश की, अगले ही पल मशीन के तेज़ स्टील ब्लेड उसके हाथ को अंदर खींचते चले गए।

PunjabKesariयुवक दर्द से तड़पकर चीखने लगा। उसकी चीख से पूरा प्लेटफॉर्म सहम गया।

तुरंत RPF, GRP और रेलवे मेडिकल टीम मौके पर पहुंची, लेकिन हाथ इतनी गहराई तक फंस चुका था कि उसे निकालना लगभग नामुमकिन लग रहा था। करीब 3 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, कटर से मशीन को काटा गया, भाग-भागकर मशीन के हिस्से अलग किए गए।

आखिरकार शौरभ को बाहर निकाल लिया गया—लेकिन तब तक उसका हाथ बुरी तरह कुचल चुका था। उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने के लिए हाथ का पंजा काटने का कठिन और मजबूरी भरा फैसला लिया।

जीआरपी थाना प्रभारी आर. एम. झरिया ने बताया कि युवक ने गलती से बोतल क्रशर को पानी की मशीन समझ लिया था। रेस्क्यू में काफी मशक्कत करनी पड़ी और इलाज जारी है।

यह घटना केवल एक गलती का नतीजा नहीं, बल्कि स्टेशनों पर मशीनों की स्पष्ट पहचान न होने और जागरूकता की कमी का बड़ा सवाल भी है।

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