Edited By meena, Updated: 02 Apr, 2026 04:54 PM

मध्य प्रदेश के कटनी जिले से विजयराघवगढ़ विधानसभा से भाजपा विधायक संजय पाठक की मश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। अवैध खनन के मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए...
भोपाल: मध्य प्रदेश के कटनी जिले से विजयराघवगढ़ विधानसभा से भाजपा विधायक संजय पाठक की मश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। अवैध खनन के मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना का प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। मामला केस की सुनवाई के दौरान जज से संपर्क करने की कोशिश से जुड़ा हुआ है।
गौरतलब है कि कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित द्वारा अवैध उत्खनन को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसमें अवैध खनन की जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। लेकिन केस की सुनवाई के दौरान भाजपा विधायक पर गंभीर आरोप लगे। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस विशाल मिश्रा ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि विधायक संजय पाठक ने उन्हें फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की थी। इसके साथ ही उन्होंने इसे न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप मानते हुए खुद को केस की सुनवाई से अलग कर लिया था।
इसी मामले को अब हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान लिया और संजय पाठक के खिलाफ आपराधिक अवमानना का मामला दर्ज करने के निर्देश जारी किए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह का कृत्य न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
इससे पहले इसी मामले में 443 करोड़ रुपए की राशि जमा करने में आनाकानी की वजह से विधायक संजय पाठक और उनके परिवार से जुड़ी फर्मों को पहले नोटिस जारी किया गया था। लेकिन, इस पर कोई जवाब नहीं दिया गया और न ही राशि जमा नहीं की गई। जिसपर जबलपुर कलेक्टर न्यायालय ने इन फर्मों को आखिरी मौके के साथ समय समाप्ति नोटिस जारी किया है। यदि इस नोटिस का जवाब नहीं दिया गया तो इसके बाद सख्त कार्रवाई (जुर्माना, संपत्ति कुर्की आदि की जा सकती है। अब कोर्ट की सख्ती के बाद विधायक संजय पाठक चौतरफा मुश्किलों से घिर गए हैं।