Edited By Desh Raj, Updated: 25 Feb, 2026 05:58 PM

तीसगढ़ के जांजगीर चांपा से घोखाधड़ी और फर्जीवाडे का मामला सामने आया है। आंगनबाड़ी भर्ती में हुए बड़े फर्जीवाड़े से कई सवाल उठ रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या इसी तरह ये भर्तियां की जाती हैं। ये बड़ा फर्जीवाड़ा ग्राम पंचायत झूलन के मदनपुर आंगनबाड़ी...
(जांजगीर चांपा): छतीसगढ़ के जांजगीर चांपा से घोखाधड़ी और फर्जीवाडे का मामला सामने आया है। आंगनबाड़ी भर्ती में हुए बड़े फर्जीवाड़े से कई सवाल उठ रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या इसी तरह ये भर्तियां की जाती हैं। ये बड़ा फर्जीवाड़ा ग्राम पंचायत झूलन के मदनपुर आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 14 से सामने आया है। जहां सहायिका पद पर ऐसे आवेदिका को नियुक्ति दी गई, जिसका परित्यक्ता प्रमाण पत्र ही खुद कई सवाल उठा रहा है।
दरअसल ये प्रमाण पत्र पूरी भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद की तारीख (Date) में जारी हुआ है। सबसे बड़ी बात ये है कि इसकी ग्राम पंचायत ने स्वयं पुष्टि की है । पंचायत में मौजूद पंजीकरण रजिस्टर में भी परित्यक्ता प्रमाण पत्र जारी करने की तारीख अंकित है। इस तरह से समझा जा सकता है कि किस तरह का फर्जीवाड़ा भर्ती में हुआ है।
लिखित शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई
आपतो बता दें कि इस फर्जीवाडे को लेकर लिखित शिकायत भी की गई थी,लेकिन इस पर कोई गौर नहीं किया गया और न ही कोई कार्रवाई अमल में लाई गई। शिकायत को दरकिनार करते हुए अधिकारियों ने नियुक्ति कर दी है।
अधिकारियों ने जब मनमानी औऱ मर्जी की तो शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की आरटीआई लगाकर जानकारी निकाली । इसमें भी सीडीपीओ पामगढ़ द्वारा आवेदक को जो दस्तावेज दिए गए हैं, उसमें परित्यक्ता प्रमाण पत्र की फोटोकापी भी संलग्न है जिसमें जारी तारीख 6/10/2025 अंकित दिखाई गई है।
लेकिन गौर करने वाली बात है कि ग्राम पंचायत झूलन में इसके बारे में पता किया गया तो पंचायत रजिस्टर में परित्यक्ता प्रमाण पत्र 08.12.2025 जारी होना बताया गया है। वहीं पामगढ़ परियोजना कार्यालय में आंगनबाड़ी केंद्रों में भर्ती में लगातार फजीवाड़े के आरोप सामने आते रहते हैं।