Edited By meena, Updated: 19 Mar, 2026 08:36 PM

केंद्र सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 2023-24 कपास सीजन के लिए कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को 1,718.56 करोड़ की MSP फंडिंग को मंजूरी दी है...
भोपाल : केंद्र सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 2023-24 कपास सीजन के लिए कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को 1,718.56 करोड़ की MSP फंडिंग को मंजूरी दी है, जिससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके। सरकार के इस फैसले से मध्य प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
कपास से जुड़ी बड़ी आबादी
कपास भारत की प्रमुख नकदी फसलों में से एक है, जिससे लाखों किसान सीधे जुड़े हुए हैं। इसके अलावा टेक्सटाइल और प्रोसेसिंग सेक्टर समेत पूरे सप्लाई चेन में करीब 4 से 5 करोड़ लोगों को रोजगार मिलता है। ऐसे में कपास की कीमतों में स्थिरता बनाए रखना देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद अहम है।
MSP फंडिंग का मकसद
इस फंडिंग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब बाजार में कीमतें गिरें, तब भी किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिल सके। इससे किसानों को नुकसान से बचाया जा सकेगा और वे कपास की खेती जारी रखने के लिए प्रेरित होंगे।
MSP ऑपरेशन क्या होता है?
जब बाजार में कपास की कीमत MSP से नीचे चली जाती है, तो कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया किसानों से सीधे MSP पर खरीद करती है। इससे किसानों को मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचने की जरूरत नहीं पड़ती और उनकी आय सुरक्षित रहती है।
किसानों के लिए क्यों जरूरी?
MSP को किसानों के लिए एक “सुरक्षा कवच” माना जाता है, क्योंकि यह उन्हें न्यूनतम आय की गारंटी देता है। सरकार के इस फैसले से न सिर्फ किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि कपास उत्पादन और उससे जुड़े उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी।