Edited By Desh Raj, Updated: 24 Feb, 2026 11:04 PM

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केंद्रीय कैबिनेट द्वारा गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण की मंजूरी महाकौशल सहित प्रदेश के लिए बड़ी सौगात है। इससे नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत...
(भोपाल) : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केंद्रीय कैबिनेट द्वारा गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण की मंजूरी महाकौशल सहित प्रदेश के लिए बड़ी सौगात है। इससे नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, व्यापार-व्यवसाय और पर्यटन भी बढ़ेगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव एवं केंद्रीय मंत्री-मंडल का हृदय से आभार माना है।
सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है। इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस कार्य के पूर्ण होने से मध्य प्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे।
करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा। जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा। इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे। साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे।