Edited By Himansh sharma, Updated: 07 Jan, 2026 08:40 PM

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से मिड डे मील योजना को लेकर एक गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है।
बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से मिड डे मील योजना को लेकर एक गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है। किरनापुर विकासखंड के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला मेंढरा में बच्चों को थाली की जगह केले के पत्तों पर मध्यान्ह भोजन परोसा गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो के सामने आते ही प्रशासन हरकत में आया और कड़ी कार्रवाई की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर मृणाल मीणा ने प्रभारी प्रधानपाठक सूर्यकांत कालबेले को शासकीय कर्तव्यों में घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सोशल मीडिया वीडियो से हुआ खुलासा
शुरुआत में प्रशासन ने वायरल वीडियो को भ्रामक बताया था, लेकिन जब वीडियो की सत्यता सामने आई तो विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (BRC) और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) किरनापुर द्वारा जांच कराई गई। जांच के दौरान प्रभारी प्रधानपाठक ने स्वयं स्वीकार किया कि बच्चों को केले के पत्तों में ही मध्यान्ह भोजन परोसा गया था।
बर्तन खरीदने के लिए राशि होने के बावजूद लापरवाही
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि विद्यालय के पास लगभग 3 हजार रुपये की राशि थाली और अन्य बर्तन खरीदने के लिए उपलब्ध थी। इसके बावजूद न तो बर्तन खरीदे गए और न ही इस संबंध में किसी वरिष्ठ अधिकारी को सूचना दी गई। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट हुआ कि विद्यालय में पहले से कुछ थालियां मौजूद थीं, फिर भी जानबूझकर नियमों की अनदेखी की गई।
मिड डे मील योजना के नियमों का खुला उल्लंघन
अधिकारियों ने इस कृत्य को मध्यान्ह भोजन योजना के दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन और बच्चों के सम्मान व स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया है। कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद भी प्रधानपाठक का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
कलेक्टर की सख्त कार्रवाई, शिक्षा विभाग में हड़कंप
जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और छात्र हितों के विरुद्ध मानते हुए निलंबन आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान प्रधानपाठक का मुख्यालय शासकीय प्राथमिक शाला छतरपुर, विकासखंड बैहर निर्धारित किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जिले के अन्य शासकीय स्कूलों में भी मिड डे मील व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।