स्कूल मिड डे मील में अनियमितताएं बरतने पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन , शिक्षिका को किया सस्पेंड, विभाग में हड़कंप

Edited By Desh Raj, Updated: 23 Feb, 2026 04:34 PM

collector takes major action for irregularities in school midday meals in raisen

जिले में मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन में लापरवाही और अनियमितता पाए जाने पर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। बाड़ी विकासखंड की प्राथमिक शाला खुरपटनी में मिड डे मील वितरण में गड़बड़ी सामने आने के बाद कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा के निर्देश पर तत्काल...

रायसेन (शिवलाल यादव): जिले में मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन में लापरवाही और अनियमितता पाए जाने पर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। बाड़ी विकासखंड की प्राथमिक शाला खुरपटनी में मिड डे मील वितरण में गड़बड़ी सामने आने के बाद कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए प्राथमिक शिक्षका निर्मला नायक को निलंबित कर दिया गया है। वहीं भोजन वितरण से जुड़े अम्बे स्व सहायता समूह, ग्राम खुरपटनी का अनुबंध भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।

निर्मला नायक पर गिरी गाज

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्राथमिक शाला खुरपटनी में मध्यान्ह भोजन वितरण में अनियमितता का मामला वायरल हुआ था। शिकायत में बच्चों को गुणवत्ताहीन भोजन दिए जाने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन न बनाए जाने के आरोप लगाए गए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल जांच के निर्देश दिए।

जिला स्तर से गठित जांच दल ने मौके पर पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता, उपस्थिति पंजी, स्टॉक रजिस्टर और वितरण व्यवस्था की जांच की। जांच प्रतिवेदन में अनियमितता की पुष्टि होने पर संबंधित शिक्षिका नायक एवं स्व सहायता समूह की भूमिका संदिग्ध पाई गई। प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपे जाने के बाद त्वरित कार्रवाई की गई।

कलेक्टर विश्वकर्मा ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मध्यान्ह भोजन योजना शासन की महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि किसी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार पाया जाता है तो संबंधितों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अनुबंध समाप्त

इधर, महिला स्व सहायता समूह का अनुबंध समाप्त होने के बाद खुरपटनी स्कूल में नए स्व सहायता समूह के माध्यम से भोजन व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं।ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी नियमित निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने जिला -प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बच्चों के भविष्य से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सर्वोपरि होनी चाहिए। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जिले के अन्य स्कूलों में भी औचक निरीक्षण किए जाएंगे, जिससे मध्यान्ह भोजन योजना का सही क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। लिहाजा इस बडी कार्रवाई से जिले में हडकंप है।

 

 

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