Edited By Himansh sharma, Updated: 09 Feb, 2026 12:55 PM

मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा एक बार फिर अपने सख्त तेवरों को लेकर सुर्खियों में हैं।
राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा एक बार फिर अपने सख्त तेवरों को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में ‘लाड़ली बहना योजना’ को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद अब मंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए तीन तहसीलदारों को निलंबित कर दिया है।
राजगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री करण सिंह वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जो भी रिश्वत लेता है, वह जनता के भरोसे के साथ गद्दारी करता है। उन्होंने दो टूक कहा कि चाहे वह मंत्री हो, तहसीलदार हो, इंजीनियर हो या कोई भी कर्मचारी—अगर वह बेईमान है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
इन तहसीलदारों पर हुई कार्रवाई
राजस्व मंत्री ने इस सप्ताह अष्टा, सीहोर और राजगढ़ के तहसीलदारों को निलंबित करने के आदेश दिए। इन अधिकारियों पर जमीन सीमांकन और अन्य राजस्व कार्यों में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। मंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
लाड़ली बहना बयान से मचा था बवाल
इससे पहले मंत्री करण सिंह वर्मा सीहोर जिले में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान को लेकर विवादों में आ गए थे। कम संख्या में महिलाओं की मौजूदगी पर नाराज मंत्री ने कहा था कि “जो लाड़ली बहनें कार्यक्रम में नहीं आएंगी, उनके नाम योजना की सूची से हटा दिए जाएं। इस बयान के बाद राजनीतिक घमासान मच गया था। कांग्रेस ने मंत्री पर तीखा हमला बोला, जिसके बाद मंत्री को अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी।
लगातार एक्शन मोड में मंत्री
पहले विवादित बयान और अब भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई— राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। उनके इस कदम को सरकार की सख्त प्रशासनिक छवि से जोड़कर देखा जा रहा है।