Edited By meena, Updated: 07 Feb, 2026 09:02 PM

मंडला जिले की नैनपुर तहसील में पदस्थ तहसीलदार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। जमीन घोटाले के मामले में तहसीलदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। लोकायुक्त पुलिस जबलपुर ने...
मंडला (अरविंद सोनी) : मंडला जिले की नैनपुर तहसील में पदस्थ तहसीलदार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। जमीन घोटाले के मामले में तहसीलदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। लोकायुक्त पुलिस जबलपुर ने यह कार्रवाई करते हुए तहसीलदार सहित दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
एफआईआर में नैनपुर तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे के साथ ही अखिलेश मेबन, पूर्व चेयरमैन जॉय एजुकेशन सोसायटी को भी आरोपी बनाया गया है। दोनों पर करोड़ों रुपये की शासकीय जमीन में अनियमितता और हेराफेरी करने के गंभीर आरोप हैं।
जानकारी के अनुसार, यह कथित जमीन घोटाला उस समय का है जब तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे जबलपुर के अधारताल तहसील में पदस्थ थे। आरोप है कि उस दौरान करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपये मूल्य की जमीन में नियमों को ताक पर रखकर घोटाला किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन संभागायुक्त ने उस समय तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे को निलंबित भी किया था। वर्तमान में वे मंडला जिले की नैनपुर तहसील में तहसीलदार के पद पर पदस्थ हैं। लोकायुक्त पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।