शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, दो शिक्षिकाओं पर निलंबन की गाज, महकमे में हड़कंप

Edited By Desh Raj, Updated: 18 Feb, 2026 05:55 PM

the education department has taken major action suspending two female teachers

शिक्षा विभाग में अनुशासन और सेवा नियमों के पालन को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। जिला स्तर पर की गई विभागीय जांच के बाद दो शिक्षिकाओं को अलग-अलग मामलों में निलंबित कर दिया गया है।

धमधा (हेमंत पाल):  शिक्षा विभाग में अनुशासन और सेवा नियमों के पालन को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। जिला स्तर पर की गई विभागीय जांच के बाद दो शिक्षिकाओं को अलग-अलग मामलों में निलंबित कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई शासकीय सेवा की गरिमा बनाए रखने और नियमों के सख्त पालन के लिए की गई है।

बीएड पढ़ाई और सरकारी ड्यूटी साथ करने पर कार्रवाई, त्रिवेणी गोस्वामी पर गिरी गाज

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विभागीय जानकारी के अनुसार, त्रिवेणी गोस्वामी शिक्षक एल.बी. के पद पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दारगांव, विकासखंड धमधा, जिला दुर्ग में पदस्थ थीं। जांच में सामने आया कि सत्र 2014-15 के दौरान वे स्कूल में नियमित उपस्थिति दर्ज कराते हुए उसी समय भिलाई नायर समाजम कॉलेज सेक्टर 08 भिलाई, भिलाई से नियमित बीएड पाठ्यक्रम भी कर रही थीं और परीक्षा उत्तीर्ण की।

सूत्रों के अनुसार, शासकीय सेवा में रहते हुए बिना अनुमति नियमित कॉलेज पाठ्यक्रम करना विभागीय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन माना जाता है। कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद शिक्षिका द्वारा प्रस्तुत जवाब में यह तथ्य स्वीकार किया गया। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय दुर्ग के प्रस्ताव पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय देवकर, जिला बेमेतरा निर्धारित किया गया है, जहां से उन्हें विभागीय प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

निजी नेटवर्किंग कंपनी से जुड़ाव पर प्रधान पाठक निलंबित

 

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दूसरे मामले में कल्पना सेन, प्रधान पाठक, ग्राम गोरपा को भी निलंबित किया गया है। जांच में सामने आया कि वे निजी नेटवर्किंग कंपनी से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय थीं। विभागीय नियमों के अनुसार शासकीय कर्मचारी बिना अनुमति निजी व्यवसाय या नेटवर्किंग गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकते। निलंबन के बाद उन्हें लिटिया स्कूल में अटैच किया गया है।

विभाग का सख्त संदेश

शिक्षा विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि सेवा नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि शासकीय सेवा में पारदर्शिता, जिम्मेदारी और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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