मुख्य कार्यपालन अधिकारी की बड़ी कार्रवाई, 100 पंचायत सचिवों पर गिरी गाज

Edited By meena, Updated: 13 Feb, 2026 05:24 PM

chief executive officer takes major action against 100 panchayat secretaries

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) प्रखर चंद्राकर एक्शन मोड में दिखे। ग्राम पंचायत में संचालित सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने के आरोप में जनपद...

गरियाबंद : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) प्रखर चंद्राकर एक्शन मोड में दिखे। ग्राम पंचायत में संचालित सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने के आरोप में जनपद पंचायत मैनपुर और जनपद पंचायत देवभोग के लगभग 100 पंचायत सचिवों पर कड़ी कार्रवाई की गई। CEO ने पंचायत मैनपुर के 57 जनपद पंचायत देवभोग के सभी 43 ग्राम पंचायत सचिवों का जनवरी माह का वेतन रोकने की कार्रवाई की है।

पंचायत सचिवों पर गिरी गाज

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) द्वारा नियमित समीक्षा और निरीक्षण के बावजूद अपेक्षित प्रगति न मिलने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।

योजनाओं की नियमित समीक्षा

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना, समर्थ पोर्टल, ग्राम संपदा, 15वां वित्त आयोग सहित अन्य विकासमूलक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। जनपद पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत सचिवों की बैठक लेकर निर्माण एवं विकास कार्यों में गति लाने के निर्देश भी दिए गए थे। निरीक्षण के दौरान कई पंचायतों में कार्यों की रफ्तार संतोषजनक नहीं पाई गई।

समय-सीमा और गुणवत्ता पर जोर

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना अनिवार्य है। बार-बार निर्देश और चेतावनी देने के बावजूद निर्माण कार्यों में देरी और लापरवाही सामने आई। कई स्थानों पर कार्य अधूरे पाए गए, जबकि कुछ योजनाओं में वित्तीय प्रगति और भौतिक प्रगति में अंतर भी दर्ज किया गया।

वेतन रोकने की कार्रवाई

अपेक्षित प्रगति न होने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम कार्यों में तेजी लाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि भविष्य में भी लापरवाही पाई गई तो और कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि आगामी समीक्षा बैठक में प्रगति की दोबारा जांच की जाएगी और संतोषजनक सुधार न मिलने पर अनुशासनात्मक कदम और बढ़ाए जा सकते हैं।

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