Edited By Himansh sharma, Updated: 18 Feb, 2026 09:59 AM

मध्यप्रदेश सरकार ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए शाजापुर के जिला आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
शाजापुर: मध्यप्रदेश सरकार ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए शाजापुर के जिला आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। लगातार सरकारी बैठकों से गैरहाजिर रहने और वरिष्ठ अधिकारियों के फोन कॉल रिसीव नहीं करने जैसे गंभीर आरोपों के चलते यह कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार, उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत कार्रवाई करते हुए विनय रंगशाही को निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय शाजापुर निर्धारित किया गया है।
फोन न उठाना पड़ा महंगा
कलेक्टर ऋजु बाफना ने जनवरी के अंतिम सप्ताह में ही जिला आबकारी अधिकारी के सभी प्रभार सहायक आबकारी अधिकारी निमिशा परमार को सौंप दिए थे। कारण साफ था—लगातार बैठकों से अनुपस्थिति और सीनियर अफसरों के कॉल रिसीव न करना। इस लापरवाही से विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे थे।
इसी को देखते हुए कलेक्टर ने विनय रंगशाही के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव प्रमुख सचिव, वाणिज्य कर विभाग भोपाल और आबकारी आयुक्त ग्वालियर को भेजा था।
पहले भी विवादों में रह चुका है नाम
विनय रंगशाही का कार्यकाल पहले भी विवादों में रह चुका है। करीब 5 साल पहले जब वे अलीराजपुर में पदस्थ थे, तब जिले में अवैध शराब तस्करी को लेकर उनके “लापता” होने के पोस्टर तक लगाए गए थे। पोस्टरों में यहां तक लिखा गया था कि जानकारी देने वाले को 2100 रुपये का इनाम दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, लंबे समय से चल रही लापरवाही और अनुशासनहीनता आखिरकार भारी पड़ गई और प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए निलंबन की कार्रवाई कर दी।