Edited By Vikas Tiwari, Updated: 10 Feb, 2026 12:59 PM

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में अश्लील डांस कांड में निलंबित किए गए तत्कालीन एसडीएम तुलसीदास मरकाम बिना किसी प्रशासनिक आदेश के दोबारा कुर्सी पर बैठ गए हैं। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार मैनपुर एसडीएम का अतिरिक्त प्रभार अब भी देवभोग एसडीएम के पास है,...
गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में अश्लील डांस कांड में निलंबित किए गए तत्कालीन एसडीएम तुलसीदास मरकाम बिना किसी प्रशासनिक आदेश के दोबारा कुर्सी पर बैठ गए हैं। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार मैनपुर एसडीएम का अतिरिक्त प्रभार अब भी देवभोग एसडीएम के पास है, इसके बावजूद तुलसीदास मरकाम कार्यालय में बैठकर ज्ञापन ले रहे हैं, दौरों पर जा रहे हैं और सरकारी आयोजनों में हिस्सा ले रहे हैं।

मामला 9 जनवरी का है, जब जिले में एक ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम आयोजित हुआ था। इस दौरान बार डांसरों ने कपड़े उतारकर अश्लील नृत्य किया। वायरल वीडियो में तत्कालीन एसडीएम तुलसीदास मरकाम डांसरों का वीडियो बनाते और उन पर पैसे उड़ाते नजर आए थे। आयोजन की अनुमति भी मरकाम ने ही दी थी। वीडियो सामने आने के बाद 16 जनवरी को गरियाबंद कमिश्नर ने तुलसीदास मरकाम को डिप्टी कलेक्टर पद से निलंबित कर दिया था। इसके बाद मरकाम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 29 जनवरी को हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी, लेकिन कोर्ट के आदेश में कहीं भी उन्हें दोबारा एसडीएम पद पर बहाल करने का उल्लेख नहीं किया गया।
इसके बावजूद 30 जनवरी से तुलसीदास मरकाम मैनपुर एसडीएम कार्यालय पहुंचकर कुर्सी पर बैठ गए। उन्होंने सरकारी लेटरहेड का इस्तेमाल कर कलेक्टर और कमिश्नर से पत्राचार भी किया। इस मामले पर कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने कहा कि तुलसीदास मरकाम को पुलिस की मदद से कार्यालय से हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मैनपुर एसडीएम की आईडी ब्लॉक कर दी गई है, ताकि वे किसी प्रकार की सुनवाई या प्रशासनिक कार्रवाई न कर सकें। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट शासन और न्यायालय को भेजी जाएगी।
इधर जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप ने 3 फरवरी को मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव सुबोध सिंह को पत्र लिखकर तुलसीदास मरकाम पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि बिना आदेश पद पर काबिज रहना गंभीर प्रशासनिक अनियमितता और पद के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। कार्यक्रम से जुड़े अन्य खुलासों में सामने आया है कि बार डांसरों की एक दिन की फीस 60 हजार रुपए तय थी, जबकि एंट्री टिकट 200 से 400 रुपए तक रखे गए थे। आयोजन में एसडीएम के लिए विशेष सीट आरक्षित थी। रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक अश्लील डांस चलता रहा। वीडियो में पुलिसकर्मियों द्वारा भी खुलेआम अश्लील हरकतें करते देखा गया है। देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह ने बताया कि शिकायत के आधार पर आयोजनकर्ता देवानंद राजपूत, गोविंद देवांगन, नरेंद्र साहू और हसन डाडा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मुचलके पर रिहा कर दिया गया है