Edited By meena, Updated: 25 Feb, 2026 01:46 PM

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। नगर निगम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नृसिंह घाट से लालपुल ब्रिज मार्ग तक अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया।
उज्जैन (विशाल सिंह) : उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। नगर निगम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नृसिंह घाट से लालपुल ब्रिज मार्ग तक अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया। जोन क्रमांक 03 क्षेत्र में पुलिस बल की मौजूदगी में 2016 के बाद बने पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया गया।
कार्रवाई के दौरान नर्मदा घाट क्षेत्र स्थित शंकराचार्य मठ में पुण्यानंद गिरी महाराज के आश्रम पर भी बुलडोजर चला। यहां करीब 10 से 15 हजार वर्गफुट क्षेत्र में बना 54 कमरों का तीन मंजिला भवन हटाया गया। प्रशासन के अनुसार इस भवन में एसी और नॉन-एसी कमरों के साथ अवैध रूप से होटल संचालित किया जा रहा था। नगर निगम की टीम ने पूरे ढांचे को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की।
इसके अलावा नरसिंह घाट रोड पर 60×80 फीट में बने माधवानंद आश्रम और लगभग 80×150 फीट क्षेत्र में बनी कलोता समाज की धर्मशाला को भी हटाया गया। बागली समाज सहित अन्य स्थानों पर भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है।

अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि जिला प्रशासन से प्राप्त सूची के आधार पर अवैध निर्माण चिन्हित किए गए थे। संबंधित पक्षों को पूर्व में नोटिस जारी कर समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि में निर्माण नहीं हटाए जाने पर कार्रवाई की गई।
प्रशासन के अनुसार करीब 180 हेक्टेयर में फैले सिंहस्थ क्षेत्र में साधु-संतों के डेरे, टेंट और श्रद्धालुओं की पार्किंग व्यवस्था के लिए खुला स्थान आवश्यक है। इसी उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है।