Edited By Himansh sharma, Updated: 27 Jul, 2026 07:05 PM

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है।
डोंगरगढ़/राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। शहर भाजपा मंडल से जुड़े 111 कार्यकर्ताओं ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा देकर स्थानीय संगठन में हलचल मचा दी है। बड़ी संख्या में एक साथ दिए गए इस्तीफों को संगठन के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं ने जिला भाजपा अध्यक्ष को संबोधित पत्र में शहर मंडल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि संगठन में वरिष्ठ और लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जबकि निर्णय कुछ चुनिंदा लोगों के प्रभाव में लिए जा रहे हैं। इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी लगातार बढ़ती गई।
इस्तीफा पत्र में यह भी दावा किया गया है कि शहर मंडल अध्यक्ष जसमीत सिंह बन्नौआना पर पूर्व विधायक एवं प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रामजी भारती सहित कुछ प्रभावशाली नेताओं के दबाव में काम करने का आरोप लगाया गया है। पत्र में कहा गया है कि संगठन के फैसलों में पारदर्शिता की कमी है और समर्पित कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियों से दूर रखा जा रहा है।
परिवारवाद और गुटबाजी के आरोप
सामूहिक इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं ने संगठन में परिवारवाद और गुटबाजी को बढ़ावा दिए जाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां योग्यता और संगठनात्मक योगदान के बजाय व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर की गईं। इसी वजह से लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं में असंतोष गहराता गया।
सोशल मीडिया विरोध से सामूहिक इस्तीफे तक
सूत्रों के अनुसार, संगठन की कार्यशैली के खिलाफ कुछ कार्यकर्ताओं ने पहले सोशल मीडिया पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद संबंधित कार्यकर्ताओं को संगठन की ओर से नोटिस जारी किए गए। अब वही असंतोष सामूहिक इस्तीफे के रूप में सामने आया है, जिसने डोंगरगढ़ भाजपा की आंतरिक स्थिति को सार्वजनिक कर दिया है।
भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल, इस्तीफा पत्र में लगाए गए आरोप संबंधित कार्यकर्ताओं के हैं। शहर मंडल अध्यक्ष जसमीत सिंह बन्नौआना, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रामजी भारती, भाजपा जिलाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत तथा भाजपा संगठन की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पार्टी नेतृत्व इस असंतोष को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है और नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने में कितना सफल होता है।