Edited By Himansh sharma, Updated: 09 Apr, 2026 04:15 PM

मध्यप्रदेश में जल्द ही बड़े स्तर पर प्रशासनिक सर्जरी देखने को मिल सकती है।
भोपाल। मध्यप्रदेश में जल्द ही बड़े स्तर पर प्रशासनिक सर्जरी देखने को मिल सकती है। राज्य सरकार आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में व्यापक बदलाव की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक कई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) बदले जा सकते हैं। इसको लेकर उच्च स्तर पर मंथन तेज हो गया है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच हाल ही में इस विषय पर अहम चर्चा हो चुकी है। वरिष्ठ नेतृत्व से फीडबैक लेने के बाद अधिकारियों की नई तैनाती को लेकर अंदरखाने रणनीति तैयार की जा रही है।
परफॉर्मेंस और व्यवहार बना पैमाना
वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन के बाद अब प्रशासनिक समीक्षा का दौर शुरू हो गया है। राजस्व वसूली, योजनाओं के क्रियान्वयन और आम जनता से व्यवहार जैसे बिंदुओं पर अधिकारियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इसके साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों—सांसदों और विधायकों—से तालमेल भी एक अहम कसौटी बनकर उभरा है।
निगेटिव रिपोर्ट वालों पर गाज संभव
सूत्रों की मानें तो जिन अधिकारियों की कार्यशैली या व्यवहार को लेकर शिकायतें सामने आई हैं, उन्हें वर्तमान पद से हटाकर दूसरी जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस मुद्दे पर चार दौर की उच्च स्तरीय बैठकों में चर्चा हो चुकी है।
पुलिस महकमे में भी हलचल
सिर्फ प्रशासन ही नहीं, पुलिस विभाग में भी बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। पुलिस मुख्यालय (PHQ) की ओर से तैयार सूची पर डीजीपी और मुख्यमंत्री के बीच भी मंथन हो चुका है।
15 से ज्यादा जिलों के एसपी बदलने की तैयारी
जानकारी के अनुसार, 15 से अधिक जिलों में एसपी स्तर पर बदलाव संभव है। खंडवा, भिंड, धार, रीवा और झाबुआ समेत कई जिलों में तैनात कुछ अधिकारी प्रमोशन के बाद भी एसपी की भूमिका निभा रहे हैं, जिन्हें नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को बड़े जिलों की कमान सौंपी जा सकती है।
जल्द जारी हो सकती है सूची
सूत्रों के मुताबिक, सभी पहलुओं पर अंतिम सहमति बनने के बाद कभी भी तबादला सूची जारी की जा सकती है। इससे प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।