सरकार के फैसले के खिलाफ BJP MLA, लैंड पूलिंग के विरोध में मैदान में उतरे, 26 दिसंबर के आंदोलन को समर्थन

Edited By Desh sharma, Updated: 15 Dec, 2025 09:39 PM

bjp mla opposes government s decision takes to the streets against land pooling

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा उज्जैन में सिंहस्थ को लेकर लागू की गई लैंड पूलिंग योजना अब सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। किसानों के लगातार विरोध के बीच अब उज्जैन उत्तर से भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने भी अपनी ही सरकार के फैसले के खिलाफ...

उज्जैन( विशाल ठाकुर): मध्य प्रदेश सरकार द्वारा उज्जैन में सिंहस्थ को लेकर लागू की गई लैंड पूलिंग योजना अब सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। किसानों के लगातार विरोध के बीच अब उज्जैन उत्तर से भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने भी अपनी ही सरकार के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने 26 दिसंबर को होने वाले किसानों के आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर लैंड पूलिंग एक्ट का विरोध किया है।

BJP विधायक कालूहेड़ा देगें किसानों का साथ

विधायक कालूहेड़ा ने अपने पत्र में लिखा है कि उन्होंने सिंहस्थ के दृष्टिगत लैंड पूलिंग योजना का प्रारंभ में समर्थन किया था। 17 नवंबर को भोपाल में मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और भारतीय किसान संघ की मौजूदगी में लैंड पूलिंग एक्ट को वापस लेने का निर्णय हुआ था। इसके बाद उज्जैन में किसान संघ ने उत्सव रैली निकाली, जिसमें वे स्वयं शामिल हुए थे।

बोले-लैंड पूलिंग योजना को निरस्त करने के बजाय केवल संशोधित किया गया

कालूहेड़ा का कहना है कि  बाद में उन्हें प्रशासन और मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि लैंड पूलिंग योजना को पूरी तरह निरस्त करने के बजाय केवल संशोधित किया गया है। इससे नाराज किसानों ने भारतीय किसान संघ के बैनर तले 26 दिसंबर से प्रशासनिक संकुल भवन पर अनिश्चितकालीन घेरा डालो आंदोलन की घोषणा की है। सिंहस्थ क्षेत्र विधायक कालूहेड़ा के विधानसभा क्षेत्र में ही आता है।

26 दिसंबर के आंदोलन को कालूहेड़ा का समर्थन

विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों के हित में लैंड पूलिंग एक्ट वापस नहीं लिया गया तो वे किसानों के साथ आंदोलन में शामिल रहेंगे। साथ ही उन्होंने मांग की है कि सिंहस्थ भूमि पर बसे रहवासियों को आवासीय प्रयोजन का लाभ दिया जाए, भूमि को सिंहस्थ उपयोग से मुक्त किया जाए और पिपलिनाका क्षेत्र की तीन सड़कों के चौड़ीकरण पर पुनर्विचार किया जाए।

गौरतलब है कि लैंड पूलिंग से प्रभावित 17 गांवों के किसानों ने खेतों में भगवा झंडे लगाकर विरोध जताया है। 18 जिलों के 217 किसान संघ पदाधिकारी आंदोलन में शामिल होने की तैयारी कर चुके हैं। अब भाजपा विधायक के समर्थन से यह आंदोलन और तेज होने की संभावना है।

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