Edited By Himansh sharma, Updated: 16 Aug, 2026 12:45 PM

चंबल नदी के नगरा घाट पर रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नदी पार कर रहा एक स्टीमर अचानक बीच धार में बंद हो गया।
मुरैना। (रोहित शर्मा): चंबल नदी के नगरा घाट पर रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नदी पार कर रहा एक स्टीमर अचानक बीच धार में बंद हो गया। स्टीमर का इंजन बंद होने के बाद वह चंबल के तेज बहाव के साथ बहने लगा। स्टीमर में सवार 100 से अधिक लोगों के बीच डर का माहौल बन गया और घाट पर मौजूद लोग भी मदद की उम्मीद में परेशान नजर आए।
बीच नदी में अचानक थम गया स्टीमर
बताया जा रहा है कि सुबह सवारियों को लेकर स्टीमर चंबल नदी पार कर रहा था। नदी की मुख्य धारा में पहुंचने के बाद अचानक उसका इंजन बंद हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, स्टीमर में डीजल खत्म हो जाने के कारण यह स्थिति बनी। इंजन बंद होते ही स्टीमर पर चालक का नियंत्रण प्रभावित हुआ और तेज बहाव उसे अपने साथ बहाने लगा।
कुछ ही देर में स्टीमर घाट से काफी दूर चला गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें स्टीमर तेज बहाव के बीच बहता हुआ दिखाई दे रहा है। इस दौरान सवार लोगों में घबराहट का माहौल रहा और घाट पर मौजूद लोग भी चिंतित नजर आए।

बारिश से बढ़ा चंबल का जलस्तर
लगातार बारिश के कारण चंबल नदी का बहाव इन दिनों काफी तेज बताया जा रहा है। ऐसे हालात में नदी पार करने वाले स्टीमर और नावों के संचालन में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाट पर स्टीमर संचालन को लेकर प्रशासन की ओर से रोक के निर्देश भी दिए गए थे।
इसके बावजूद स्टीमर का संचालन किए जाने की बात सामने आने के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्टीमर को सुरक्षित नहीं रोका जाता, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कराने और नियमों का उल्लंघन कर स्टीमर चलाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चंबल नदी के घाटों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और खराब मौसम व तेज बहाव के दौरान स्टीमर संचालन पर प्रभावी निगरानी की मांग उठ रही है।
फिलहाल सबसे राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी बड़े जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है। हालांकि, 100 से ज्यादा लोगों की जिंदगी को खतरे में डालने वाली इस घटना ने नदी परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।