दतिया के 3 BJP कार्यकर्ताओं को भोपाल क्राइम ब्रांच ने उठाया, एक की नरोत्तम मिश्रा के साथ कई तस्वीरें वायरल

Edited By Himansh sharma, Updated: 05 Aug, 2026 04:09 PM

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भोपाल क्राइम ब्रांच ने डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर तीनों आरोपियों की पहचान की।

भोपाल/दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान मतदान से ठीक पहले सोशल मीडिया पर भाजपा जिलाध्यक्ष के कथित निष्कासन का एक फर्जी पत्र वायरल कर राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले की जांच के बाद भोपाल क्राइम ब्रांच ने भाजपा से जुड़े तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि यह पत्र पूरी तरह कूटरचित था और इसे कार्यकर्ताओं तथा मतदाताओं के बीच भ्रम फैलाने के उद्देश्य से प्रसारित किया गया। जांच के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भाजपा के दतिया जिला मीडिया प्रभारी शादाब, नगर उपाध्यक्ष शाहरूख और कार्यकर्ता क्रिश रावत शामिल हैं। तीनों को सोमवार को गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार को न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, वायरल किया गया फर्जी पत्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नाम और कथित हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर तैयार किया गया था। पत्र में दतिया भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए तत्काल प्रभाव से पद से हटाने और पार्टी से निष्कासित करने की बात लिखी गई थी। हालांकि दस्तावेज में न तो कोई आधिकारिक पत्र क्रमांक था और न ही तिथि अंकित थी, जिससे इसकी प्रामाणिकता पर सवाल खड़े हुए।

जांच में यह भी सामने आया कि मतदान के दिन इस फर्जी पत्र को बड़ी संख्या में व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल किया गया। माना जा रहा है कि इसका उद्देश्य चुनाव के दौरान संगठन के भीतर भ्रम की स्थिति पैदा करना और मतदाताओं को प्रभावित करना था।

भोपाल क्राइम ब्रांच ने डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर तीनों आरोपियों की पहचान की। पुलिस के अनुसार, शाहरूख को उसके कार्यालय से जबकि शादाब को ठंडी सड़क क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। मामले में दर्ज साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।

पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने और वायरल अभियान चलाने में कहीं अन्य लोगों की भी भूमिका तो नहीं थी। आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।

इसी बीच इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक और चर्चा तेज हो गई है। गिरफ्तार किए गए क्रिश रावत की पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के साथ कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही हैं। दतिया उपचुनाव के बाद पहले ही राजनीतिक हलचल तेज है। ऐसे में फर्जी पत्र वायरल करने का यह मामला चुनावी राजनीति में सोशल मीडिया के दुरुपयोग और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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