Edited By Himansh sharma, Updated: 30 Jul, 2026 03:57 PM

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में गुरुवार को मतदान उत्साहपूर्ण माहौल में जारी रहा।
दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में गुरुवार को मतदान उत्साहपूर्ण माहौल में जारी रहा। दोपहर 1 बजे तक मतदान का आंकड़ा 50.26 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिसने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। बढ़ते मतदान के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और दतिया के पूर्व विधायक डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने जीत को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि जनता का रुझान स्पष्ट रूप से भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में दिखाई दे रहा है।
मतदान करने के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. मिश्रा ने कहा कि जिस प्रकार मतदाता बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंच रहे हैं, उससे स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि दतिया में एक बार फिर कमल खिलने वाला है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा निर्णायक बढ़त के साथ जीत की ओर बढ़ रही है।
कांग्रेस द्वारा चुनाव में प्रशासनिक पक्षपात और धनबल के इस्तेमाल के लगाए जा रहे आरोपों पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे ऐसे आरोप उसकी निराशा और हताशा को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि जब जनता का समर्थन नहीं मिलता, तब इस तरह के आरोप लगाए जाते हैं।
वहीं, मतदान के बीच सोशल मीडिया पर भाजपा जिला अध्यक्ष के कथित इस्तीफे से जुड़ी चर्चाओं को भी उन्होंने पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल भ्रम फैलाने की कोशिश है और दतिया की राजनीति में इस तरह की अफवाहें नई बात नहीं हैं। जनता इन बातों को अच्छी तरह समझती है।
दोपहर 1 बजे तक आधे से ज्यादा मतदान
निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दोपहर 1 बजे तक 50.26 प्रतिशत मतदान दर्ज किया जा चुका है। इस दौरान 1,10,768 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 60,799 पुरुष और 49,969 महिला मतदाता शामिल हैं। पुरुषों का मतदान प्रतिशत 52.36 फीसदी, जबकि महिलाओं का मतदान प्रतिशत 47.92 फीसदी दर्ज किया गया।
सुबह के मुकाबले दोपहर तक मतदान में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। सुबह 11 बजे तक जहां मतदान 34.31 प्रतिशत था, वहीं अगले दो घंटों में लगभग 15.95 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। चुनाव आयोग और प्रशासन शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान कराने के लिए लगातार निगरानी बनाए हुए हैं, जबकि अब सभी की नजरें शाम तक होने वाले अंतिम मतदान प्रतिशत और उसके बाद आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।