Edited By Himansh sharma, Updated: 04 Apr, 2026 03:48 PM

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए दोनों दलों के बीच टकराव और तेज हो सकता है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में एक नया विवाद सामने आया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ किसी भी सार्वजनिक मंच को साझा न करें। इस आदेश के बाद प्रदेश की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
पार्टी की ओर से जारी निर्देश में साफ तौर पर कहा गया है कि कांग्रेस से जुड़े नेता किसी भी कार्यक्रम, समारोह या सार्वजनिक आयोजन में भाजपा नेताओं के साथ नजर नहीं आएंगे। आदेश का पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह निर्देश रायपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू बंजारे की ओर से जारी किया गया है, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इस फैसले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। राजनांदगांव से भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने इसे कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी में असंतोष और भगदड़ की स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अनावश्यक दबाव बना रही है और उन्हें स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दिया जा रहा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए दोनों दलों के बीच टकराव और तेज हो सकता है। कांग्रेस का यह कदम जहां संगठनात्मक अनुशासन के रूप में देखा जा रहा है, वहीं भाजपा इसे राजनीतिक असुरक्षा से जोड़कर पेश कर रही है।