राजधानी में भाजपा-कांग्रेस में घमासान! कांग्रेस के 12 नेताओं पर FIR दर्ज, कांच की बोतलें, पत्थर और जूते पुलिस पर फेंके थे; ये है पूरा मामला

Edited By Vandana Khosla, Updated: 23 Jul, 2026 10:57 AM

clash between bjp and congress in the capital firs registered against 12

रायपुरः छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कांग्रेस मुख्यालय घेराव के दौरान बुधवार शाम हुई हिंसक झड़प के मामले में पुलिस ने एक और प्राथमिकी दर्ज की है। खम्हारडीह थाना प्रभारी निरीक्षक भावेश कुमार गौतम की शिकायत पर कांग्रेस...

रायपुरः छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कांग्रेस मुख्यालय घेराव के दौरान बुधवार शाम हुई हिंसक झड़प के मामले में पुलिस ने एक और प्राथमिकी दर्ज की है। खम्हारडीह थाना प्रभारी निरीक्षक भावेश कुमार गौतम की शिकायत पर कांग्रेस के 12 नामजद नेताओं तथा अन्य कार्यकर्ताओं के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा, बल प्रयोग और कानून-व्यवस्था भंग करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है।

जानकारी के अनुसार, कल प्रधानमंत्री आवास घेराव के विरोध में आयोजित भाजपा के कांग्रेस मुख्यालय घेराव कार्यक्रम के दौरान राजीव भवन के सामने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। इसी दौरान कांग्रेस कार्यालय की ओर से नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता बैरिकेडिंग तक पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें रोकने और समझाने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने और पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की करने लगे। प्राथमिकी के मुताबिक, इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर कांच की बोतल, पत्थर, लकड़ी और जूते पुलिस बल की ओर फेंके।

घटना में पीएसआई देवराज सिंह के सिर में चोट आई, जबकि महिला आरक्षक सीमा बंजारे के हाथ में चोट लगी। पुलिस का दावा है कि कई अन्य जवान भी घायल हुए तथा इस घटना से शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हुई और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास किया गया। पुलिस ने इस मामले में कांग्रेस नेताओं सुनील कुकरेजा, विनोद तिवारी, सकलेन कामदार, आकाश तिवारी, अजीत कुकरेजा, हनी बग्गा, शांतनु झा, गावेश साहू, खुबी डहरिया, सागर दुल्हानी, अजीज भिंसरा और अमित तिवारी सहित अन्य कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया है। सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के वीडियो फुटेज, फोटोग्राफ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर विवेचना के दौरान अन्य प्रदर्शनकारियों के नाम भी प्रकरण में जोड़े जा सकते हैं। इस बीच, कांग्रेस मुख्यालय के बाहर हुए टकराव में एक सब-इंस्पेक्टर सहित करीब 16 पुलिसकर्मी घायल हो गए। कई जवानों के सिर, हाथ और पैरों में चोटें आईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना की सूचना मिलने पर रायपुर के पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला बुधवार देर रात रामकृष्णा केयर अस्पताल पहुंचे और भर्ती पुलिसकर्मियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के उपचार की जानकारी ली और समुचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस दौरान पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल, एसीपी नीलेश द्विवेदी, टीआई राजेश मरई सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। घायल जवान कलेश्वर वर्मा ने बताया कि बैरिकेडिंग के दौरान भीड़ के बीच फंस जाने से उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल लाया गया। वहीं प्रशिक्षु उप निरीक्षक (पीएसआई) देवराज सिंह के सिर पर बोतल लगने से गंभीर चोट आई, जिनका उपचार चिकित्सकों की निगरानी में जारी है। अन्य घायल आरक्षकों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास घेराव के विरोध में भाजपा ने रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन का घेराव किया था। प्रदर्शन में भाजपा के कई मंत्री और पदाधिकारी शामिल हुए। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालात पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया तथा आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!