Edited By Himansh sharma, Updated: 15 Jun, 2026 05:52 PM

मध्य प्रदेश के लाखों किसानों की निगाहें इन दिनों मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की 14वीं किस्त पर टिकी हुई हैं।
भोपाल: मध्य प्रदेश के लाखों किसानों की निगाहें इन दिनों मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की 14वीं किस्त पर टिकी हुई हैं। जून का आधा महीना गुजर चुका है, लेकिन अब तक किसानों के खातों में योजना की अगली किस्त नहीं पहुंची है। ऐसे में प्रदेशभर के किसानों के बीच बेचैनी बढ़ती जा रही है और सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सरकार 14वीं किस्त कब जारी करेगी?दरअसल, खरीफ सीजन की शुरुआत हो चुकी है। खेतों की तैयारी से लेकर बीज, खाद और कीटनाशकों की खरीद तक किसानों के सामने कई जरूरी खर्च खड़े हैं। ऐसे समय में योजना की किस्त किसानों के लिए बड़ी आर्थिक राहत साबित होती है। यही वजह है कि भुगतान में हो रही देरी को लेकर किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
इस बीच सोशल मीडिया और किसान संगठनों के बीच एक नई चर्चा भी जोर पकड़ रही है। दावा किया जा रहा है कि सरकार 14वीं और 15वीं किस्त को एक साथ जारी कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो किसानों के खातों में एकमुश्त 4 हजार रुपये की राशि पहुंच सकती है। हालांकि, इस संबंध में राज्य सरकार या कृषि विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में इसे केवल अटकलों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, किस्त में देरी की सबसे बड़ी वजह लाभार्थियों का सत्यापन और रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया है। सरकार फर्जी लाभार्थियों को सूची से बाहर करने, भूमि अभिलेखों का आधार से मिलान करने और डीबीटी व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटी है। कई किसानों के बैंक खाते अभी भी डीबीटी के लिए पूरी तरह सक्रिय नहीं हैं, जिसके कारण भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार के पास बजट की कोई कमी नहीं है। किसान कल्याण योजनाओं के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ऐसे में देरी वित्तीय कारणों से नहीं बल्कि प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं के चलते बताई जा रही है।
कई किसान संगठनों और स्थानीय स्तर पर चल रही चर्चाओं में यह संभावना जताई जा रही है कि जून के अंतिम सप्ताह तक 14वीं किस्त जारी हो सकती है। हालांकि, जब तक सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक किसी भी संभावित तारीख को अंतिम नहीं माना जा सकता।
फिलहाल प्रदेश के लाखों किसान सरकार के अगले फैसले का इंतजार कर रहे हैं। खरीफ सीजन के बीच किसानों की उम्मीदें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार जल्द स्थिति स्पष्ट करेगी और लंबे समय से अटकी हुई किस्त उनके खातों में पहुंच सकेगी।