Edited By Vandana Khosla, Updated: 07 May, 2026 10:32 AM

छतरपुर (राजेश चौरसिया): छतरपुर जिले के अलीपुरा में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए फौती नामांतरण में लापरवाही बरतने वाले दो पटवारियों पर मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए। एक पटवारी को तत्काल...
छतरपुर (राजेश चौरसिया): छतरपुर जिले के अलीपुरा में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए फौती नामांतरण में लापरवाही बरतने वाले दो पटवारियों पर मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए। एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया। जबकि दूसरे की वेतन वृद्धि रोकी गई। कलेक्टर ने साफ कहा कि मृतकों के नामांतरण जैसे मामलों में देरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी लंबित प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया जाए।
चौपाल के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर मृत्यु प्रमाण पत्र और फौती नामांतरण की स्थिति की जानकारी ली। इसी दौरान ग्राम टीला निवासी बद्दू खटीक के मामले में खुलासा हुआ कि उनकी मृत्यु के पांच महीने बाद भी फौती नामांतरण नहीं किया गया। मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने टीला के पटवारी विनय पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा अलीपुरा के पटवारी जमना प्रसाद अनुरागी पर भी कार्रवाई की गई। पांच महीने से लंबित फौती नामांतरण मामलों में लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने उनकी एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए। साथ ही सभी पटवारियों को मृतकों के रिकॉर्ड का सत्यापन करने, बी-1 वाचन कराने और लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
रात्रि चौपाल में राशन पर्ची से जुड़े मामलों का भी मौके पर निराकरण किया गया। ग्राम चुरवारी के पांच आवेदकों की राशन पर्चियां स्वीकृत की गईं। इनमें नंदलाल कुशवाहा, लक्ष्मण कुशवाहा, दयाराम कुशवाहा, हरिचंद्र पाल और दलपत कुशवाहा शामिल हैं। ग्रामीणों ने मौके पर ही राहत मिलने पर संतोष जताया।
कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और राजस्व सेवाओं में लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन की समस्याओं का समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।