Edited By Desh Raj, Updated: 05 May, 2026 05:33 PM

अगर अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्व को अच्छे से समझ लें तो जनता की मुश्किलें काफी हद तक दूर हो सकती हैं। ऐसा ही एक नजारा राजनांदगांव से सामने आया है,जहां पर IAS ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया है।
(राजनांदगांव): अगर अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्व को अच्छे से समझ लें तो जनता की मुश्किलें काफी हद तक दूर हो सकती हैं। ऐसा ही एक नजारा राजनांदगांव से सामने आया है,जहां पर IAS ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया है।
दरअसल जिले के बसंतपुर स्थित जिला अस्पताल में जो अव्यवस्था उजागर हुई है उसकी लापरवाही का खुलासा खुद कलेक्टर जितेंद्र यादव ने किया है। डॉक्टरों की लापरवाही कलेक्टर ने खुद सामने लाई है और मामले में बड़ा कदम उठाया है।
कलेक्टर जितेंद्र यादव आधी रात अचानक जिला अस्पताल पहुंचे तो कलेक्टर ने दर्द से तड़पती दो औरतों को देखा। जानकारी है कि गायनिक वार्ड में ड्यूटी डॉक्टर के अबसेंट रहने के चलते दो गर्भवती महिलाओं की स्थिति बिगड़ती जा रही थी, परिजनों ने इसे लेकर हंगामा भी किया लेकिन कोई बात नहीं बनी। लेकिन फिर इन दोनों महिलाओं के लिए कलेक्टर फरिश्ता बनकर आए और कलेक्टर ने दोनों को वार्ड में भर्ती कराया।
जानकारी अनुसार डॉ. एकता डेनियल की ड्यूटी थी, लेकिन वह मौके पर मौजूद नहीं थीं। इसी दौरान अस्पताल में आई दो महिलाओं को प्रसव पीड़ा बढऩे लगी, वहीं एक महिला का डिलीवरी महतारी एक्सप्रेस में ही हो चुकी थी, जच्चा-बच्चा को गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था, लेकिन वहां पर कोई विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। लिहाजा संबंधित डॉक्टर को नोटिस जारी किया गया है।
कलेक्टर ने अस्पताल में व्यवस्थाओं को जांचा
दरअसल अस्पताल में व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर जितेंद्र यादव ने देर रात जायजा लिया। कलेक्टर ने साफ-सफाई, मरीजों को मिल रही सुविधाओं के साथ ही ड्यूटी पर तैनात स्टाफ के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर कलेक्टर जितेंद्र यादव ने मरीजों एवं उनके परिजनों से बात की और इसके साथ ही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली।
वहीं जानकारी ये भी सामने आई है कि जिला अस्पताल में कार्यरत कुछ डॉक्टर ओपीडी के बाद निजी अस्पताल और नर्सिंग होम में सेवाएं देते हैं। लिहाजा गायनिक वार्ड में ड्यूटी से गायब रहने पर डॉक्टर को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है।