देशी अंदाज में गमछा लपेट गांव की नब्ज टटोलने पहुंचे कलेक्टर,अंदाज देख लोग दंग, फूड इंस्पेक्टर और सचिव को नोटिस

Edited By Desh Raj, Updated: 24 Apr, 2026 06:44 PM

collector arrives for inspection wrapped in a gamcha

बैतूल में कलेक्टर का देशी अंदाज देखने को मिला है। बैतूल जिले के नवागत कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने शुक्रवार को शाहपुर विकासखंड के ग्राम निशान एवं पंचायत पाठई का सघन भ्रमण कर शासकीय योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का निरीक्षण किया।

बैतूल (रामकिशोर पवार): बैतूल में कलेक्टर का देशी अंदाज देखने को मिला है। बैतूल जिले के नवागत कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने शुक्रवार को शाहपुर विकासखंड के ग्राम निशान एवं पंचायत पाठई का सघन भ्रमण कर शासकीय योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का निरीक्षण किया। लेकिन इस दौरान कलेक्टर सोनवणे का देशी अंदाज भी चर्चा में आ गया, वो गमछा लपेटकर गांव की नब्ज टटोलने पहुंचे तो लोगे देखते ही रह गए। इसी अंदाज में उन्होंने समस्याओं का जायजा लिया और दिक्कतों का जाना।

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इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और संबंधित अधिकारियों को सुधार के सख्त निर्देश दिए। सबसे पहले कलेक्टर डॉ सोनवणे ग्राम निशान स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने पेयजल व्यवस्था एवं मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की जांच की। निरीक्षण के दौरान बच्चों के भोजन में सब्जी नहीं मिलने पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया। जानकारी मिली कि समूह की महिला की तबीयत खराब होने के कारण सब्जी नहीं बन सकी। इस पर कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो और निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नाश्ते में दिए गए उपमा को चखकर गुणवत्ता की भी जांच की।

कलेक्टर डॉ सोनवणे ने आंगनवाड़ी में दर्ज गर्भवती माताओं एवं कुपोषित बच्चों की जानकारी लेते हुए पाया कि तीन बच्चे गंभीर कुपोषण की श्रेणी में हैं, लेकिन उन्हें एनआरसी में भर्ती नहीं कराया गया है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए तत्काल भर्ती कराने और नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता जांचने के लिए बारहखड़ी एवं रंग पहचान का परीक्षण भी लिया। साथ ही पोषण ट्रैकर ऐप का संचालन कराकर डेटा की सटीकता का मिलान किया। इसके बाद कलेक्टर ने ग्राम का पैदल भ्रमण कर ग्रामीणों से नल-जल योजना एवं जल संरक्षण कार्यों की जानकारी ली तथा पंचायत सचिव को स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

समूह की मांग पर स्टोरेज भवन निर्माण के निर्देश

ग्राम पाठई में कलेक्टर डॉ सोनवणे ने महिला स्व-सहायता समूहों से संवाद कर उनके आजीविका कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने बकरी पालन, मुर्गी पालन, मल्टीलेयर फार्मिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। समूह की मांग पर खरीदी के लिए स्टोरेज भवन निर्माण तथा उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग के लिए बैंक लिंकेज और आउटलेट उपलब्ध कराने के निर्देश एनआरएलएम को दिए।

लंबित डीपीआर शीघ्र स्वीकृत कराने के निर्देश

महिलाओं द्वारा पानी की समस्या उठाए जाने पर कलेक्टर ने पंचायत को टंकी निर्माण कर जल वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन में शामिल न होने वाले शाहपुर ब्लॉक के 39 ग्रामों के लिए “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” अंतर्गत लंबित डीपीआर को शीघ्र स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ किया जाए।

राशन दुकान में स्टॉक में कमी पर नोटिस

निरीक्षण के दौरान ग्राम की एक महिला की खाद्यान्न पर्ची लंबे समय से लंबित पाए जाने पर कलेक्टर ने पंचायत सचिव को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं उचित मूल्य दुकान पाठई के निरीक्षण में मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाए जाने पर पंचनामा तैयार कर फूड इंस्पेक्टर एवं समिति प्रबंधक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर डॉ सोनवणे ने जाति प्रमाण पत्र से संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश एसडीएम को दिए। साथ ही आंगनवाड़ी संचालन एवं “एक बगिया मां के नाम” योजना के कार्यों की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया। आंगनवाड़ी केंद्र पर बच्चों को बिस्किट और चॉकलेट का भी वितरण किया।इस अवसर पर एसडीएम सहित विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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