Edited By meena, Updated: 02 Jun, 2026 08:48 PM

मध्य प्रदेश भाजपा में विधायकों और मंत्रियों की बयानबाजी ने संगठन की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से बहुत से नेता अपनी ही पार्टी और नेताओं के खिलाफ मुखर हो रहे हैं...
भोपाल: मध्य प्रदेश भाजपा में विधायकों और मंत्रियों की बयानबाजी ने संगठन की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से बहुत से नेता अपनी ही पार्टी और नेताओं के खिलाफ मुखर हो रहे हैं। ऐसे में तीन विधायक संगठन के निशाने पर आ गए हैं। भाजपा की इस अंदरूनी कलह पर कांग्रेस ने निशाना साधा है। कांग्रेस का कहा है कि भाजपा विधायक ही भाजपा को निपटा देंगे।
दरअसल, बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले गुना से विधायक पन्नालाल शाक्य, आलोट से चिंतामणि मालवीय और पिछोर से प्रीतम लोधी संगठन के निशाने पर आ गए हैं। पार्टी हाईकमान ने इन तीनों विधायकों से बेहद नाराज जताई है। पन्नालाल शाक्य ने बिजली कटौती पर सवाल उठाकर न सिर्फ अपनी सरकार को कटघरे में खड़ा किया बल्कि सिंधिया समर्थक मंत्रियों को नकारा कहा था, वहीं प्रीतम लोधी और चिंतामणि मालवीय भी हिट लिस्ट में है, सूत्रों की मानें तो इन तीनों नेताओं को जल्द ही भोपाल तलब किया जा सकता है।
इधर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने इन नेताओं को नसीहत देते हुए कहा है कि जनभावनाएं अपनी जगह हैं, लेकिन पार्टी की मूल विचारधारा के साथ चलना और खुद की वाणी पर नियंत्रण रखना हर कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि के लिए सबसे पहली जिम्मेदारी है।
भाजपा की इस अंदरूनी कलह पर कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाने शुरु कर दिए हैं। एक तरफ पन्नालाल शाक्य के समर्थन में पूर्व भाजपा विधायक और आप नेता ममता मीणा व विधायक जयवर्धन सिंह ने सही बताते हुए इसे नए पुरानी भाजपा की आपसी खींचतान बताया है, तो वहीं प्रदेश प्रवक्ता अविनभ बारोलिया ने कहा- कप्तान सिंह सोलंकी जैसे वरिष्ठ नेता की बातों को बीजेपी नेताओं को गंभीरता से सुनी जानी चाहिए, कांग्रेस का भी यही मत है। ऐसे न करने पर बीजेपी के विधायक ही बीजेपी को निपटा देंगे। कांग्रेस नहीं चाहती बीजेपी का खात्मा हो। उन्होंने आगे कहा कि विधायकों के बयान और विवाद बीजेपी की अंतर्कलह को उजागर कर रहा है।