Edited By meena, Updated: 04 Aug, 2026 07:45 PM

मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में फैसला आ गया है। 2023 के बाद 2026 में भी भाजपा को यहां हार का स्वाद चखना पड़ा है....
दतिया: मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में फैसला आ गया है। 2023 के बाद 2026 में भी भाजपा को यहां हार का स्वाद चखना पड़ा है। घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को हराकर फिर से दतिया का किला जीत लिया है। आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से पराजित करके घनश्याम ने जीत का परचम लहराया है। लेकिन इस हार के बाद भाजपा पर अपने ही हमला करने लगे हैं और सवाल उठाए हैं।
भाजपा के अपने ही लगे पार्टी पर सवाल खड़ा करने
दतिया में हार के बाद बीजेपी अपनों के ही निशाने पर आ गई है। पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने दतिया उपचुनाव में मिली हार के बाद बीजेपी को नसीहत देते हुए पोस्ट लिखा है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए यशोधरा ने कहा कि ये ”आत्ममंथन का समय है। इस पर विचार किया जाना चाहिए।

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की बहू और पूर्व मंत्री राहुल सिंह की पत्नी उमिता सिंह ने भी कुछ सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा है कि लिखा कि “जब कार्यकर्ता की जगह अधिकारी बोलने लगे कि हमारी पहुंच ऊपर तक हैं तब तब परिणाम तो विपरीत ही आएंगे।” इस तरह से बीजेपी की दतिया हार से पार्टी में विरोध और नसीहतों का दौर चल पड़ा है।

वहीं दूसरी ओर सीएम मोहन यादव ने इस हार पर कहा है कि जीत भले ही कांग्रेस की हुई है लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले भाजपा को इस बार 1,700 मत अधिक मिले हैं। सीएम और मंत्री चाहे कुछ भी कह रहे हों लेकिन भाजपा नेता संगठन को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।