Edited By Himansh sharma, Updated: 03 Aug, 2026 06:11 PM

मध्य प्रदेश की चर्चित दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी के भीतर से ही असंतोष के स्वर सुनाई देने लगे हैं।
दतिया। मध्य प्रदेश की चर्चित दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी के भीतर से ही असंतोष के स्वर सुनाई देने लगे हैं। पूर्व मंत्री इमरती देवी ने चुनाव परिणाम आने के बाद बड़ा बयान देते हुए हार का ठीकरा पार्टी के अंदर हुए कथित भितरघात पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि चुनाव में पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में थी और जीत की स्थिति में भी थी, लेकिन कुछ लोगों की अंदरूनी गतिविधियों ने भाजपा की मेहनत पर पानी फेर दिया।
इमरती देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी थी। वरिष्ठ नेताओं ने लगातार प्रचार किया और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया, लेकिन पार्टी के ही कुछ लोगों ने अंदरखाने काम कर भाजपा को नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने दो टूक कहा कि "हम चुनाव बहुत अच्छी तरह जीत रहे थे, लेकिन हमारे ही कुछ लोगों ने भितरघात कर पार्टी को चुनाव हरवा दिया। ऐसे लोगों से भाजपा को सावधान रहने की जरूरत है।
इमरती देवी के इस बयान ने भाजपा के भीतर संगठन और अनुशासन को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में अब इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि आखिर वे कुछ लोग कौन हैं, जिनकी ओर इमरती देवी ने इशारा किया है।
गौरतलब है कि दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को पराजित कर सीट पर कब्जा जमाया। इस चुनाव की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा यह भी रही कि भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। अब हार के बाद पार्टी के भीतर उठ रही भितरघात की आवाजें आने वाले दिनों में भाजपा की आंतरिक राजनीति को और गर्मा सकती हैं।