Edited By Himansh sharma, Updated: 29 Jul, 2026 05:57 PM

कांग्रेस की दिल्ली में होने वाली अहम बैठक से पहले छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।
रायपुर। कांग्रेस की दिल्ली में होने वाली अहम बैठक से पहले छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि पार्टी अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता खो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस अब जनहित के मुद्दों से कट चुकी है और नेतृत्व केवल अपनी राजनीतिक जमीन बचाने में जुटा है। चंद्राकर ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पर निशाना साधते हुए कहा कि वे लगातार ऐसे मुद्दों को हवा देने की कोशिश कर रहे हैं, जिनका जनता से कोई सीधा सरोकार नहीं है। उनके अनुसार कांग्रेस के पास जनहित से जुड़े ठोस विषय नहीं बचे हैं, इसलिए छोटे मामलों को बड़ा बनाकर राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
E20 फ्यूल पर भूपेश बघेल के बयान पर प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के E20 फ्यूल संबंधी बयान पर अजय चंद्राकर ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर कांग्रेस की गंभीरता नजर नहीं आती। उनका कहना था कि इस मामले में केंद्र सरकार पहले ही आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर चुकी है, लेकिन कांग्रेस तथ्यों की बजाय राजनीतिक बयानबाजी पर अधिक ध्यान दे रही है।
भोरमदेव मंदिर विवाद पर कांग्रेस को घेरा
भोरमदेव मंदिर में पूजा-अर्चना को लेकर उठे विवाद पर भी भाजपा नेता ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस धार्मिक विषयों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करती है और उसकी राजनीति तुष्टिकरण पर आधारित है।
भाजपा कार्यकर्ताओं के इस्तीफे के मुद्दे पर पलटवार
भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर चंद्राकर ने कहा कि सीमित संगठनात्मक घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उनका कहना था कि कांग्रेस मुद्दों के अभाव में राजनीतिक विवाद खड़े करने की कोशिश कर रही है।
'छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का भविष्य नहीं'
कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर टिप्पणी करते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि पार्टी जनता के भरोसे से दूर होती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का भविष्य समाप्त हो चुका है और नेताओं को अब अपनी राजनीतिक दिशा पर पुनर्विचार करना चाहिए।
आंतरिक पत्र को लेकर भी साधा निशाना
कांग्रेस के संगठनात्मक निर्देशों से जुड़े आंतरिक पत्र का जिक्र करते हुए चंद्राकर ने कहा कि पार्टी के भीतर नेताओं की अभिव्यक्ति सीमित होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में कुछ चुनिंदा नेताओं तक ही राजनीतिक गतिविधियां सिमट गई हैं, जबकि बाकी कार्यकर्ताओं की भूमिका लगातार कमजोर हो रही है। कुल मिलाकर, दिल्ली में कांग्रेस की बैठक से पहले अजय चंद्राकर के इन बयानों ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। भाजपा जहां कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति पर सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा।