Edited By Himansh sharma, Updated: 24 Apr, 2026 03:51 PM

जिले में एक सब-इंस्पेक्टर (SI) पर शादीशुदा महिला ने दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और धोखे से गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
सक्ती। जिले में एक सब-इंस्पेक्टर (SI) पर शादीशुदा महिला ने दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और धोखे से गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच की बात कही जा रही है, हालांकि अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने का आरोप भी पीड़िता ने लगाया है। पीड़िता के अनुसार, करीब तीन साल पहले उसकी पहचान फेसबुक के जरिए SI कमल मैरिषा से हुई थी। उस समय आरोपी दंतेवाड़ा में पदस्थ था। बातचीत धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई और बाद में दोनों के बीच मुलाकातें शुरू हो गईं। महिला का आरोप है कि SI ने खुद को अविवाहित बताया और उसके पारिवारिक हालात का फायदा उठाते हुए शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। बाद में वह जब सक्ती जिले में पदस्थ हुआ, तो मुलाकातें और भी बढ़ गईं।
पीड़िता ने बताया कि जनवरी 2024 में वह गर्भवती हुई, जिसकी जानकारी सोनोग्राफी रिपोर्ट के जरिए SI को दी गई थी। आरोप है कि इसके बाद उसे बिना जानकारी दिए दवाइयाँ देकर गर्भपात कराया गया। इसके बाद भी संबंध जारी रहे, लेकिन मामला तब बिगड़ा जब महिला के मुताबिक उसे पता चला कि SI पहले से शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है। इस खुलासे के बाद पीड़िता मानसिक रूप से टूट गई और उसने आत्महत्या की कोशिश भी की, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में आरोपी ने उससे दूरी बना ली और संपर्क तोड़ दिया। इसके बाद पीड़िता ने 29 जनवरी 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसकी जांच एसडीओपी सक्ती को सौंपी गई थी।
पीड़िता का कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने एसपी और आईजी कार्यालय में भी कई बार आवेदन दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मामले को लेकर एक और गंभीर आरोप यह है कि एसडीओपी कार्यालय के सामने आरोपी ने कथित तौर पर महिला को धमकाया और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो वायरल करने की चेतावनी दी, जिससे दबाव में आकर उसने शिकायत वापस लेने की बात कही।
फिलहाल महिला ने दोबारा कार्रवाई की मांग करते हुए आरोपी SI के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी, गर्भपात कराने और ब्लैकमेलिंग की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की है। वहीं, आरोपी SI ने सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है। पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।