Edited By Himansh sharma, Updated: 24 Sep, 2026 08:20 PM

मध्य प्रदेश के दतिया में भाजपा के नए जिलाध्यक्ष माधवेंद्र सिंह परिहार के स्वागत कार्यक्रम ने पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक हलचल को एक बार फिर चर्चा में ला दिया।
दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया में भाजपा के नए जिलाध्यक्ष माधवेंद्र सिंह परिहार के स्वागत कार्यक्रम ने पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक हलचल को एक बार फिर चर्चा में ला दिया। परिहार के दतिया पहुंचने पर शहर में जगह-जगह स्वागत के लिए बैनर और होर्डिंग लगाए गए। रेलवे स्टेशन से लेकर राजगढ़ चौराहे तक अलग-अलग नेताओं से जुड़े कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने स्थानीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा।माधवेंद्र सिंह परिहार को भाजपा ने 22 सितंबर को दतिया जिले की कमान सौंपी थी। उपचुनाव के बाद जिला संगठन में बदलाव के बीच उन्हें नई जिम्मेदारी मिली है। परिहार पहले भी संगठन में सक्रिय रहे हैं और जिला महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
परिहार के दतिया पहुंचने के दौरान रेलवे स्टेशन पर उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसी दौरान पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से जुड़े कार्यकर्ता भी स्टेशन पर दिखाई दिए। स्वागत के बाद परिहार का काफिला आगे बढ़ गया, जबकि मिश्रा के समर्थक अपनी अलग गतिविधियों में नजर आए।
इसी बीच नरोत्तम मिश्रा भी दतिया पहुंचे। उनकी ट्रेन के करीब सवा घंटे देरी से पहुंचने की बात सामने आई। स्टेशन से निकलने के बाद उनका काफिला आगे रवाना हुआ। बाद में राजगढ़ चौराहे के आसपास दोनों काफिलों के आमने-सामने आने की तस्वीर ने स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी।
राजगढ़ चौराहे पर आमने-सामने आए काफिले
राजगढ़ चौराहे पर नए जिलाध्यक्ष माधवेंद्र सिंह परिहार और नरोत्तम मिश्रा के काफिले एक ही स्थान पर पहुंचे। इस दौरान आशुतोष तिवारी भी नरोत्तम मिश्रा के काफिले के आसपास मौजूद बताए गए। कुछ समय बाद दोनों काफिले अपने-अपने रास्ते आगे निकल गए।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में नेताओं के बीच किसी औपचारिक संयुक्त कार्यक्रम या सार्वजनिक तौर पर किसी विवाद की पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए अलग-अलग मौजूदगी को पार्टी के भीतर गुटबाजी का निर्णायक प्रमाण मानने के बजाय मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
उपचुनाव के बाद से बदले दतिया BJP के समीकरण
दतिया भाजपा में संगठनात्मक बदलाव की पृष्ठभूमि विधानसभा उपचुनाव से जुड़ी हुई है। भाजपा ने उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। टिकट बदलने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों की नाराजगी सामने आई थी और विरोध प्रदर्शन तथा संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबरें भी आई थीं।
चुनाव परिणाम के बाद भाजपा ने जिला संगठन में भी बदलाव किया। आशुतोष तिवारी चुनाव हार गए और इसके बाद संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी क्रम में माधवेंद्र सिंह परिहार को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।
नए जिलाध्यक्ष के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती संगठन को दोबारा सक्रिय करना और अलग-अलग खेमों में बंटे कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करना होगी। स्वागत कार्यक्रम में नेताओं और समर्थकों की अलग-अलग मौजूदगी ने यह संकेत जरूर दिया कि उपचुनाव के बाद दतिया भाजपा की अंदरूनी राजनीति अभी पूरी तरह शांत नहीं हुई है। आने वाले दिनों में नई जिला टीम के गठन और संगठनात्मक गतिविधियों से तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।