Edited By meena, Updated: 04 Mar, 2026 07:09 PM

मध्य प्रदेश के दतिया जिले में इस बार होली का उत्सव कुछ खास अंदाज में मनाया गया। दतिया स्थित कलेक्टर निवास पर आयोजित होली मिलन समारोह में प्रशासनिक अधिकारी...
दतिया : मध्य प्रदेश के दतिया जिले में इस बार होली का उत्सव कुछ खास अंदाज में मनाया गया। दतिया स्थित कलेक्टर निवास पर आयोजित होली मिलन समारोह में प्रशासनिक अधिकारी, मीडियाकर्मी और स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने शिरकत की। इस दौरान दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े खुद भी रंगों में सराबोर नजर आए और डीजे की धुन पर जमकर डांस किया। कार्यक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
“होली पर सब एक समान” – कलेक्टर का संदेश
होली मिलन समारोह के दौरान कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने बेहद सहज अंदाज में कहा कि होली ऐसा त्योहार है जहां न कोई अधिकारी होता है और न कोई कलेक्टर—सब एक समान होते हैं। उन्होंने मीडिया बंधुओं के साथ खुलकर रंग खेला और सभी को गले लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। उनके इस सरल और मिलनसार व्यवहार की उपस्थित लोगों ने सराहना की।
महाराष्ट्र और बुंदेलखंड की होली में फर्क
मूल रूप से महाराष्ट्र से आने वाले स्वप्निल वानखड़े ने अपने संबोधन में कहा कि महाराष्ट्र की होली और बुंदेलखंड की होली में काफी अंतर है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यहां की होली बिना डांस के पूरी नहीं होती। “सच कहूं तो महाराष्ट्र की होली से कई गुना ज्यादा रंगीन और जीवंत मुझे बुंदेलखंड की होली लगी,” उन्होंने कहा। बुंदेली संस्कृति के प्रति उनका लगाव भी साफ नजर आया।
रंग, संगीत और उत्साह से सराबोर माहौल
कलेक्टर निवास में आयोजित इस कार्यक्रम में रंग, गुलाल और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला। डीजे की धुन पर अधिकारी और मीडियाकर्मी एक साथ झूमते दिखे। प्रशासनिक औपचारिकताओं से अलग यह आयोजन सौहार्द और आपसी भाईचारे का प्रतीक बना। कलेक्टर ने सभी मीडिया संस्थानों को होली की शुभकामनाएं दीं।

बुंदेली संस्कृति से जुड़ाव
स्वप्निल वानखड़े का कहना है कि उन्हें बुंदेलखंड की संस्कृति, लोकपरंपराएं और त्योहारों का उत्साह बेहद पसंद है। दतिया में उनकी कार्यशैली और स्थानीय संस्कृति के प्रति सम्मान ने उन्हें लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया है। होली के इस आयोजन ने प्रशासन और समाज के बीच संवाद और सौहार्द को और मजबूत किया है।