Edited By meena, Updated: 14 Feb, 2026 01:30 PM

मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में कारोबारी से लूट के मामले में पुलिस प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पलासिया थाना क्षेत्र में पदस्थ दो पुलिस जवानों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। सिपाही मनोज मालवीय और अविनाश चंद्रवंशी...
इंदौर : मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में कारोबारी से लूट के मामले में पुलिस प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पलासिया थाना क्षेत्र में पदस्थ दो पुलिस जवानों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। सिपाही मनोज मालवीय और अविनाश चंद्रवंशी को डीसीपी जोन-2 द्वारा सेवा से पृथक कर दिया गया। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
इस कार्रवाई को पुलिस महकमे में अनुशासन और जवाबदेही के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। विभागीय जांच के बाद यह फैसला लिया गया, जिससे साफ संकेत गया है कि वर्दी की आड़ में आपराधिक कृत्य करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
पलासिया थाना क्षेत्र में हुई वारदात
पलासिय थाना क्षेत्र में यह सनसनीखेज वारदात उस समय सामने आई जब एक ट्रेडिंग कारोबारी संपत्ति कर चुकाने के लिए 25 लाख रुपये नकद लेकर घर से निकला था। रास्ते में उसकी मुलाकात दो लोगों से हुई, जिन्होंने खुद को पुलिस अधिकारी बताया।
आरोप है कि दोनों ने कारोबारी को यह कहकर धमकाया कि इतनी बड़ी रकम लेकर चलना अपराध है। इसके बाद उन्होंने उससे नकदी छीन ली। इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़ित से करीब 4,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग चार लाख रुपये) अपने खाते में ट्रांसफर भी करवा लिए।
गिरफ्तारी के बाद सख्त विभागीय कार्रवाई
घटना सामने आने के बाद पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में दोनों आरोपियों की पहचान पुलिस कांस्टेबल के रूप में हुई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय स्तर पर त्वरित जांच कर दोनों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह वर्दीधारी ही क्यों न हो।
पुलिस की साख पर सवाल, सख्ती का संदेश
इस घटना ने पुलिस की छवि पर सवाल जरूर खड़े किए हैं, लेकिन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने यह भी संदेश दिया है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। पलासिया थाना पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इस तरह की अन्य घटनाओं में इनका हाथ तो नहीं रहा। इंदौर जैसे बड़े शहर में इस प्रकार की वारदात ने व्यापारिक वर्ग में चिंता बढ़ाई है, वहीं पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।