गैस संकट में डीलरों का बड़ा खेल! 80 हजार उपभोक्ताओं से 28 लाख की अवैध कमाई का खुलासा

Edited By Himansh sharma, Updated: 06 Apr, 2026 03:23 PM

dealers allegedly earn 28 lakh from 80 000 consumers

देशभर में हाल के दिनों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडरों की किल्लत के बीच उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

भोपाल। देशभर में हाल के दिनों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडरों की किल्लत के बीच उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी संकट का फायदा उठाकर कुछ गैस एजेंसियों द्वारा कथित रूप से अनियमित तरीके से उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायतों के अनुसार, एजेंसियों ने प्रति सिलेंडर 35 रुपए की अवैध या अनधिकृत वसूली कर करीब 80 हजार उपभोक्ताओं से लगभग 28 लाख रुपए तक की कमाई कर ली।

सूत्रों के मुताबिक, जब सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हुई तो उपभोक्ताओं को मजबूरी में गैस एजेंसियों के गोदामों और कार्यालयों के बाहर लंबी कतारों में लगना पड़ा। इसी स्थिति का लाभ उठाते हुए एजेंसियों द्वारा होम डिलीवरी शुल्क के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूले जाने की शिकायतें सामने आईं।

जनता नगर करोंद निवासी राजेश कुमार ने लिखित शिकायत में बताया कि उनकी एजेंसी ने होम डिलीवरी देने से इनकार कर दिया, जबकि नियमों के अनुसार होम डिलीवरी पर एजेंसी को 35 रुपए प्रति सिलेंडर मिलते हैं। ऐसे में यदि उपभोक्ता स्वयं एजेंसी से सिलेंडर लेते हैं, तो यह शुल्क वापस किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा था।

मामले की शिकायत कलेक्टर और संबंधित विभागों तक पहुंची है। उपभोक्ता लगातार आवेदन और कॉल के माध्यम से अपनी राशि वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं।

जांच के दौरान रोजाना लगभग 3000 उपभोक्ताओं के एजेंसियों पर पहुंचने और 12 हजार से अधिक बुकिंग के बावजूद केवल 6–7 हजार सिलेंडर की ही डिलीवरी हो पाने की स्थिति सामने आई है। जिले में करीब 50 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनकी गतिविधियों की निगरानी प्रशासन द्वारा की जा रही है।

जिला प्रशासन के अनुसार, मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है और गोदामों की जांच भी की जा रही है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रमसिंह ने कहा है कि गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और अनियमितताओं से जुड़ी सभी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं उप नियंत्रक नापतौल नसीमुद्दीन खान के अनुसार, तौल में गड़बड़ी और होम डिलीवरी शुल्क के दुरुपयोग के मामलों की जांच की जा रही है। खाद्य विभाग के साथ मिलकर प्रकरण तैयार किया जा रहा है और दोषी पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई तय है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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