Edited By Himansh sharma, Updated: 15 Feb, 2026 02:31 PM

मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है।
इंदौर। (सचिन बहरानी): मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। लसूड़िया थाना क्षेत्र में एक कलयुगी पिता ने अपनी ही नाबालिग बेटी को हवस का शिकार बनाया। आरोपी इतना शातिर था कि न तो वह मोबाइल फोन रखता था और न ही उसका कोई स्थायी ठिकाना था। लेकिन कहते हैं कि कानून के हाथ लंबे होते हैं। लसूड़िया थाने में तैनात महिला आरक्षक की बहादुरी और सूझबूझ से आरोपी को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह फरार होने की फिराक में था।
दरअसल मामला लसूड़िया थाना क्षेत्र का है, जहाँ एक घुमक्कड़ प्रवृत्ति के पिता ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी अपनी बेटी को लकड़ी बीनने के बहाने एक सुनसान इलाके में ले गया और वहाँ उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
डरी-सहमी पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और अपनी माँ के साथ थाने पहुँचकर पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी की गिरफ्तारी थी। आरोपी न तो मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था और न ही उसका कोई स्थायी ठिकाना था। वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था।
इसी दौरान, जब महिला आरक्षक संतोष दांगी पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए ले जा रही थीं, तब रास्ते में पीड़िता ने अपने आरोपी पिता को पहचान लिया। इसके बाद महिला आरक्षक संतोष दांगी ने बिना वक्त गंवाए अकेले ही आरोपी को पकड़ लिया। उन्होंने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए थाने को सूचना दी और बैकअप मंगवाया। महिला आरक्षक की तत्परता और अदम्य साहस को देखते हुए डीसीपी ने संतोष दांगी को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।