Edited By meena, Updated: 19 Apr, 2023 06:56 PM

सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफार्म है जिससे कोई भी खबर, दस्तावेज, स्टोरी या फिर बात कुछ ही पलों में एक जगह से दूसरी जगह पहुंच जाती है
रायपुर (सत्येंद्र शर्मा) : सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफार्म है जिससे कोई भी खबर, दस्तावेज, स्टोरी या फिर बात कुछ ही पलों में एक जगह से दूसरी जगह पहुंच जाती है। लेकिन शेयर करने की जल्दबाजी में अक्सर लोग इस बात की जानकारी लेना भी भूल जाते हैं कि ये सूचना सही है भी या नहीं। इसी तरह छत्तीसगढ़ के गृह विभाग के अपर सचिव के नाम से कूचरचित दस्तावेज को सोशल मीडिया में वायरल किया गया है जो पूरी तरह से गलत है और भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत धारा 419 और 469 के दायरे में आता है।

भारतीय दंड संहिता की धारा 419 में प्रतिरूपण द्वारा छल के लिए दण्ड का प्रावधान है। इस धारा के अनुसार जो कोई प्रतिरूपण द्वारा छल करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा।
भारतीय दंड संहिता की धारा 469 के अनुसार, जो कोई कूटरचना इस आशय से करेगा कि वह दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख जिसकी कूटरचना की जाती है, किसी पक्षकार की ख्याति की अपहानि करेगी, या यह जानते हुए करेगा कि इस प्रयोजन से उसका उपयोग किया जाए, उसे जुर्माने के साथ 3 साल तक की कारावास की सजा हो सकती है।
गौरतलब है कि हाल ही में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा गृह विभाग के अवर सचिव के नाम व पदनाम का उल्लेख कर एक कूटरचित दस्तावेज सोशल मीडिया मे वायरल कर छत्तीसगढ़ शासन एवं गृह विभाग की छवि धूमिल करने का प्रयास किया है, जिसमें प्राप्त शिकायत के आधार पर राखी थाना में अज्ञात आरोपी के खिलाफ दण्डनीय अपराध पंजीबध्द किया गया है।
रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आम लोगों से सोशल मीडिया पर इस तरह से भ्रामक और कूचरचित संदेशों से सतर्क रहने का आग्रह किया है। इसके साथ ही जानबूझकर ऐसा करने वालों के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है।