Edited By Himansh sharma, Updated: 20 Mar, 2026 01:05 PM

सिवनी जिले के एक छोटे से गांव में जन्मे विजय कुमार डहरिया ने अपने संघर्ष और मेहनत से वह मुकाम हासिल किया
SDM Success Story: सिवनी जिले के एक छोटे से गांव में जन्मे विजय कुमार डहरिया ने अपने संघर्ष और मेहनत से वह मुकाम हासिल किया, जो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। कभी भैंस चराने और पेट्रोल पंप पर काम करने वाले विजय आज सागर जिले में SDM के पद पर कार्यरत हैं।
गरीबी और सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े विजय का बचपन बेहद कठिनाइयों में बीता। न तो घर में बिजली थी और न ही बेहतर सड़क सुविधाएं, लेकिन इन हालातों ने उनके हौसले को कमजोर नहीं किया। स्कूल जाने के लिए वे रोजाना 7-8 किलोमीटर पैदल चलते थे, फिर भी पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहे।
आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया और पेट्रोल पंप पर भी काम किया, ताकि अपनी शिक्षा जारी रख सकें। मेहनत का परिणाम यह रहा कि उन्हें फॉरेस्ट गार्ड की सरकारी नौकरी मिली, लेकिन उनका सपना यहीं नहीं रुका।
विजय ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और दिन-रात कड़ी मेहनत की। इस दौरान उन्हें लगातार 5 बार असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अंततः छठे प्रयास में उनका चयन डिप्टी कलेक्टर के रूप में हुआ, जिसने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
आज SDM विजय कुमार डहरिया अपने कार्यों से समाज में नई मिसाल कायम कर रहे हैं। उनकी यह कहानी यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।